Ajit Pawar Family: विमान हादसे में जान गंवाने वाले अजित पवार किसके सबसे करीब थे…

28 जनवरी को बारामती में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों से जुड़ी बैठकों में शामिल होने के लिए जाते समय उनका विमान एक गंभीर हादसे का शिकार हो गया। इस हादसे में अजित पवार का निधन हो गया। इस रिपोर्ट में जानेंगे अजित पवार सबसे कबीर किसके थे? 

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 28 January 2026, 4:07 PM IST

New Delhi: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़ी एक दर्दनाक खबर सामने आई है। 28 जनवरी को बारामती में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों से जुड़ी बैठकों में शामिल होने के लिए जाते समय उनका विमान एक गंभीर हादसे का शिकार हो गया। इस हादसे में अजित पवार का निधन हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। अजित पवार के निधन के बाद देश भर में शोक की लहर है। ऐसे में चलिए जानते हैं अजित पवार सबसे कबीर किसके थे?

अजित पवार किसके सबसे करीब थे...

महाराष्ट्र की राजनीति में जब भी सख्त फैसलों, प्रशासनिक पकड़ और बारामती के विकास की बात होती है, तो सबसे पहले नाम आता है अजित पवार का। ‘दादा’ के नाम से मशहूर अजित पवार ने सहकारिता से लेकर सत्ता के शीर्ष तक का सफर अपने कड़क मिजाज और निर्णायक नेतृत्व से तय किया है। दशकों से वे राज्य की राजनीति के केंद्र में रहे हैं।

पवार परिवार की राजनीतिक विरासत

अजित पवार, मराठा राजनीति के दिग्गज शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवार के पुत्र हैं। पिता के असमय निधन के बाद शरद पवार ही उनके लिए पिता तुल्य बने और वही उनके राजनीतिक मार्गदर्शक भी रहे। हालांकि समय के साथ दोनों के बीच राजनीतिक मतभेद सामने आए, लेकिन पवार परिवार की जड़ें हमेशा महाराष्ट्र की राजनीति में मजबूत बनी रहीं।

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अजित पवार के निजी जीवन में उनकी पत्नी Sunetra Pawar की भूमिका बेहद अहम रही है। वे न सिर्फ उनकी जीवनसंगिनी हैं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में भी उनके साथ सक्रिय रूप से जुड़ी रहती हैं। कई मौकों पर Sunetra Pawar ने चुनावी अभियानों और सामाजिक कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाई है।

बेटे पार्थ और जय पवार

अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार राजनीति में सक्रिय हैं और लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। उन्हें पवार परिवार की अगली राजनीतिक पीढ़ी के रूप में देखा जाता है। वहीं छोटे बेटे जय पवार संगठनात्मक और पारिवारिक व्यवसाय से जुड़े रहते हैं और पर्दे के पीछे रहकर जिम्मेदारियां संभालते हैं।

चचेरी बहन Supriya Sule से संबंध

Ajit Pawar की चचेरी बहन Supriya Sule भी राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा चेहरा हैं। राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों के रिश्तों में पारिवारिक जुड़ाव बना रहा है। पवार परिवार की यही विशेषता रही है कि राजनीतिक मतभेद निजी रिश्तों पर हावी नहीं होते।

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भाई Srinivas Pawar और पारिवारिक सलाह

Ajit Pawar के बड़े भाई Srinivas Pawar एक सफल व्यवसायी हैं। भले ही वे सक्रिय राजनीति से दूर रहे हों, लेकिन Ajit Pawar कई अहम फैसलों में अपने भाई की राय को महत्व देते रहे।

संघर्ष से सत्ता तक का सफर

22 जुलाई 1959 को जन्मे Ajit Pawar का शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा रहा। पिता के निधन के बाद उन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़ी और खेती व सहकारिता से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं। 1982 में एक चीनी मिल के बोर्ड सदस्य के रूप में राजनीति में कदम रखने वाले Ajit Pawar बाद में कई बार विधायक, मंत्री और उपमुख्यमंत्री बने। उन्हें आज भी ‘बारामती के विकास पुरुष’ के रूप में याद किया जाता है।

 

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 28 January 2026, 4:07 PM IST