
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-गूगल)
इतिहास याद करेगा देश, भाजपा करेगी विशेष आयोजन
New Delhi: देश के इतिहास में 25 जून 1975 का दिन एक ऐसे दौर के रूप में दर्ज है, जब देश में आपातकाल लागू किया गया था। इस घटना के 51 साल पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी गुरुवार को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाएगी। भाजपा का कहना है कि आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया गया और नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर रोक लगाई गई। इस मौके पर भाजपा ने देशभर में कई कार्यक्रमों की तैयारी की है। पार्टी का उद्देश्य आपातकाल के दौरान हुई घटनाओं और उसके प्रभावों को लोगों तक पहुंचाना है। भाजपा नेताओं का कहना है कि नई पीढ़ी को उस दौर की घटनाओं से परिचित कराना जरूरी है, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों की अहमियत समझी जा सके।
भाजपा की ओर से आपातकाल की वर्षगांठ पर कई राज्यों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में आपातकाल विरोधी आंदोलन से जुड़े लोगों को याद किया जाएगा और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को सम्मान दिया जाएगा। पार्टी का कहना है कि आपातकाल के दौरान कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया गया था। साथ ही मीडिया पर सेंसरशिप लागू की गई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी प्रतिबंध लगाए गए।
आपातकाल की बरसी पर बिहार में भाजपा बड़े स्तर पर आयोजन करने जा रही है। राज्य के करीब 90 हजार बूथों पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पटना के ज्ञान भवन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा आपातकाल विरोधी आंदोलन में शामिल रहे करीब 450 ‘जेपी सेनानियों’ और ‘लोकतंत्र सेनानियों’ को सम्मानित करेंगे। भाजपा नेताओं के मुताबिक इन कार्यक्रमों के जरिए लोगों को बताया जाएगा कि किस तरह आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आंदोलन चलाया गया था।
भाजपा के बिहार प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने बताया कि 30 जून से 6 जुलाई तक राज्य के सभी 52 संगठनात्मक जिलों में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा भाजपा युवा मोर्चा और महिला मोर्चा की ओर से राज्य के पांच प्रशासनिक प्रमंडलों में छात्र सम्मेलन भी किए जाएंगे। इन आयोजनों के जरिए युवाओं को आपातकाल के इतिहास और उसके प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
हरियाणा में भी भाजपा ने आपातकाल को लेकर कार्यक्रमों की घोषणा की है। पंचकुला स्थित पार्टी मुख्यालय पंचकमल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा नेताओं ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काला दौर बताया। यमुनानगर से विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि उस समय लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया था और संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित हुई थी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को याद करना और उनके योगदान को सम्मान देना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि आपातकाल के दौरान हजारों लोकतंत्र सेनानियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध किया था। कई लोगों को जेलों में बंद किया गया और कई तरह की पाबंदियां लगाई गईं। भाजपा का कहना है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और तत्कालीन भारतीय जनसंघ ने भी आपातकाल के खिलाफ आंदोलन में भूमिका निभाई थी। पार्टी इन प्रयासों को लोकतंत्र की बहाली की लड़ाई के रूप में देखती है।
हरियाणा भाजपा की ओर से गुरुवार शाम 5 बजे पंचकुला स्थित अटल सभागार में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में आपातकाल के इतिहास, लोकतंत्र की रक्षा और उस दौर में हुए आंदोलनों पर चर्चा की जाएगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि ‘संविधान हत्या दिवस’ का मकसद किसी राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
Location : New Delhi
Published : 25 June 2026, 9:41 AM IST