गायत्री परिवार के 100 साल बेमिसाल: शताब्दी समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला बोले- ‘हम बदलेंगे, युग बदलेगा’

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नई दिल्ली में गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए आचार्य श्रीराम शर्मा और माता भगवती देवी के योगदान को याद किया। उन्होंने आध्यात्मिक जागरण, महिला सशक्तीकरण, मूल्यपरक शिक्षा और सामाजिक सुधार में गायत्री परिवार की भूमिका की सराहना की।

Post Published By: Prashant Sharma
Updated : 31 October 2026, 1:53 PM IST

New Delhi: गायत्री परिवार के 100 साल पूरे होने पर दिल्ली में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारत के आध्यात्मिक पुनर्जागरण, सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण में गायत्री परिवार की भूमिका की सराहना की है। उन्होंने कहा कि आचार्य श्रीराम शर्मा और माता भगवती देवी ने अपने तप, त्याग, सेवा और समर्पण से समाज को नई दिशा देने का काम किया। उनके विचारों ने न केवल लोगों में आध्यात्मिक चेतना जगाई, बल्कि महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, चरित्र निर्माण और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में भी व्यापक बदलाव की प्रेरणा दी। शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में गायत्री परिवार की ओर से आयोजित शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए ओम बिरला ने कहा कि यह आयोजन केवल बीते सौ वर्षों को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि उस परिवर्तनकारी आंदोलन का उत्सव है, जिसने देशभर में लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है।

शताब्दी समारोह को सम्बोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

आचार्य श्रीराम शर्मा ने आध्यात्मिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाया

लोकसभा अध्यक्ष ने आचार्य श्रीराम शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अखंड ज्योति के माध्यम से देशभर में आध्यात्मिक चेतना का प्रकाश फैलाया। व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण, समाज निर्माण और राष्ट्र निर्माण के उनके विचारों ने लोगों को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आचार्य श्रीराम शर्मा का संकल्प 'हम बदलेंगे, युग बदलेगा' आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। गायत्री मंत्र और यज्ञ के माध्यम से उन्होंने लोगों को आध्यात्मिकता से जोड़ने के साथ आत्मिक शुद्धता और अंतर्मन के जागरण का रास्ता दिखाया। ओम बिरला ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने दूर-दराज के गांवों और ढाणियों में भी आचार्य जी के विचारों का प्रभाव देखा है। उनके मार्गदर्शन से लोगों को अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों से बाहर निकलने तथा जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा मिली।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का गायत्री परिवार ने किया सम्मान

माता भगवती देवी का जीवन महिला सशक्तीकरण की मिसाल

माता भगवती देवी को नमन करते हुए ओम बिरला ने कहा कि उनका जीवन तप, करुणा, मातृत्व और सेवा भावना से परिपूर्ण था। उन्होंने केवल आध्यात्मिक जागरण का काम नहीं किया, बल्कि महिला सशक्तीकरण और सामाजिक सुधार के एक बड़े आंदोलन को भी दिशा दी। उन्होंने कहा कि जिस दौर में महिलाओं को कई तरह की सामाजिक चुनौतियों और कुरीतियों का सामना करना पड़ता था, उस समय माता भगवती देवी ने उन्हें शिक्षा हासिल करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उनकी शिक्षाओं ने असंख्य महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने का काम किया। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि परिवार में महिला का व्यक्तित्व विकास पूरे परिवार और समाज की प्रगति का आधार बनता है। आध्यात्मिक चेतना और भारतीय संस्कारों पर आधारित वातावरण महिलाओं के सशक्तीकरण के साथ परिवारों को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

आचार्य श्रीराम शर्मा और माता भगवती देवी की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित करते हुए ओम बिरला

मूल्यपरक शिक्षा और चरित्र निर्माण पर दिया जोर

ओम बिरला ने भारतीय आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक ज्ञान और भारतीय मूल्यों को दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचाने के लिए गायत्री परिवार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संगठन व्यक्ति, परिवार और समाज निर्माण के आदर्शों को आगे बढ़ा रहा है। आचार्य श्रीराम शर्मा की ओर से स्थापित विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा के शुरुआती स्तर से ही आध्यात्मिकता, सांस्कृतिक मूल्यों और चरित्र निर्माण पर ध्यान देना सराहनीय है। उन्होंने मूल्यपरक शिक्षा, नारी जागरण और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में संस्था के प्रयासों की भी प्रशंसा की। इस दौरान उन्होंने डॉ. चिन्मय पांड्या के प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को दुनिया तक पहुंचाने के साथ लोगों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में हो रहे नए बदलावों से परिचित कराना भी महत्वपूर्ण है।

देश की बड़ी-बड़ी हस्तियां कार्यक्रम में शामिल हुई

तनाव और अवसाद के दौर में आध्यात्मिकता की अहमियत

समाज में बढ़ते तनाव और मानसिक परेशानियों का जिक्र करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि आज दुनिया के कई देशों में लोग तनाव और अवसाद जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में आंतरिक शांति, आध्यात्मिक शक्ति और उद्देश्यपूर्ण जीवन का संदेश पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार का आध्यात्मिक केंद्र लोगों को मानसिक शांति, आत्मविश्वास और संकल्प शक्ति प्रदान करने की दिशा में काम कर रहा है।

गांव-गांव तक पहुंचे अखंड ज्योति का प्रकाश

अपने संबोधन के अंत में ओम बिरला ने गायत्री परिवार से अपील की कि वह अखंड ज्योति के प्रकाश और सकारात्मक विचारों को गांव-गांव और समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का अभियान जारी रखे। उन्होंने कहा कि इस प्रयास का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि आचार्य श्रीराम शर्मा और माता भगवती देवी की ओर से शुरू किया गया आध्यात्मिक और सामाजिक परिवर्तन का अभियान आगे भी लोगों को प्रेरित करता रहेगा। इससे समरस, जागरूक और विकसित समाज के निर्माण को मजबूती मिलेगी।

Location :  New Delhi

Published :  31 October 2026, 1:53 PM IST