
113 करोड़ का क्रिप्टो फर्जीवाड़ा (Img- Pinterest)
Mumbai: वित्तीय अपराधों और डिजिटल ठगी के खिलाफ भारतीय जांच एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है। क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर भोले-भाले निवेशकों से 113 करोड़ रुपये हड़पने वाला मुख्य आरोपी अमित लखनपाल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में धर दबोचा गया है।
आरोपी खुद को वित्त मंत्रालय का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों पर अपना रौब गालिब करता था और अपने जाल में फंसाता था। ठाणे पुलिस के अनुरोध पर जारी 'रेड कॉर्नर नोटिस' के आधार पर यूएई प्रशासन ने यह बड़ी कार्रवाई की है।
अमित लखनपाल के यूएई में छिपे होने की सटीक जानकारी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ साझा की थी। इसी सूचना के आधार पर 1 सितंबर को उसे गिरफ्तार किया गया।
अब भारत सरकार ने आरोपी को कानून के कटघरे में खड़ा करने के लिए उसके प्रत्यर्पण (Extradition) की कागजी कार्रवाई तेज कर दी है। जहां ठाणे पुलिस इस धोखाधड़ी की मुख्य आपराधिक जांच कर रही है, वहीं ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए जुटाए गए पैसों के लेन-देन का पता लगा रही है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2017-2018 के दौरान लखनपाल ने 'मनी ट्रेड कॉइन' (MTC) नाम से एक फर्जी डिजिटल करेंसी पेश की थी। निवेशकों में भरोसा पैदा करने के लिए वह बड़े-बड़े पांच-तारा होटलों में भव्य कार्यक्रम आयोजित करता था और दावा करता था कि उसकी करेंसी को जल्द ही केंद्र सरकार से मान्यता मिलने वाली है।
जांच में एक चौंकाने वाला सच यह भी सामने आया कि ठाणे में तैनात एक तत्कालीन पुलिस अधिकारी खुद पर्दे के पीछे से उसका दफ्तर और ग्राहकों का काम संभाल रहा था।
Location : Mumbai
Published : 10 September 2026, 12:55 PM IST