जोमैटो की पैरेंट कंपनी Eternal में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। फाउंडर दीपिंदर गोयल ने दो साल तक सैलरी न लेने का फैसला किया है, वहीं कंपनी को नया CEO मिला है। शेयरों में तेजी और QIP के बाद Eternal की बाजार पकड़ और मजबूत हुई है।

फाउंडर दीपिंदर गोयल ने दो साल तक सैलरी न लेने का किया फैसला
New Delhi: भारत की प्रमुख फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो, जो अब Eternal के नाम से जानी जाती है, एक बार फिर सुर्खियों में है। कंपनी में नेतृत्व स्तर पर बड़ा बदलाव हुआ है। Eternal को नया CEO मिल गया है और अब यह जिम्मेदारी अलबिंदर ढिंढसा संभालेंगे। इसी के साथ कंपनी के फाउंडर और मौजूदा सीईओ दीपिंदर गोयल की सैलरी को लेकर भी बड़ा फैसला सामने आया है।
कंपनी के दस्तावेजों के मुताबिक, दीपिंदर गोयल ने वित्त वर्ष 2026 के अंत तक कोई तय सैलरी नहीं लेने का फैसला किया है। इससे पहले भी वह तीन साल तक, यानी वित्त वर्ष 2021 से 2024 तक, बिना सैलरी के कंपनी की कमान संभाल चुके हैं। अब उन्होंने यह अवधि बढ़ाकर मार्च 2026 तक कर दी है।
दीपिंदर गोयल ने 1 अप्रैल 2024 को कंपनी के बोर्ड को लिखे पत्र में साफ किया था कि वह बिना किसी फिक्स्ड सैलरी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ की जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब Eternal के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई है।
हालांकि दीपिंदर गोयल को कोई तय सैलरी नहीं मिलेगी, लेकिन उन्हें कंपनी के प्रदर्शन के आधार पर वेरिएबल पे या इंसेंटिव मिल सकता है। इस पर अंतिम फैसला कंपनी का बोर्ड करेगा। यानी अगर कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहता है, तो उन्हें बोनस या अन्य लाभ मिलने की संभावना बनी रहेगी।
दीपिंदर गोयल के पास Eternal में करीब 4.18 फीसदी हिस्सेदारी है। नवंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार, इस हिस्सेदारी की कुल वैल्यू 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है। बीते एक साल में Eternal के शेयरों में 140 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है, जिससे गोयल की संपत्ति में भी बड़ा इजाफा हुआ है।
फिलहाल Eternal का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 2.45 लाख करोड़ रुपये पहुंच चुका है। कंपनी अपने बड़े प्रतिद्वंद्वी स्विगी से काफी आगे निकल चुकी है। Eternal उन चुनिंदा नई तकनीकी कंपनियों में शामिल हो गई है, जिन्हें सेंसेक्स में जगह मिली है। यह कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
हाल ही में Eternal को 8,500 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी मिली है, जिसे क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए लाया जाएगा। इस खबर के बाद कंपनी के शेयरों में करीब 6 फीसदी की तेजी देखी गई। QIP के लिए न्यूनतम शेयर कीमत लगभग 266 रुपये तय की गई है।
कंपनी ने बताया है कि QIP से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल विस्तार और मजबूती के लिए किया जाएगा। इसका बड़ा हिस्सा नए गोदाम और डार्क स्टोर खोलने में लगाया जाएगा, ताकि डिलीवरी नेटवर्क और तेज हो सके। इसके अलावा विज्ञापन, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और तकनीकी सुधार पर भी निवेश किया जाएगा।
Eternal अपनी क्विक कॉमर्स सर्विस ब्लिंकिट पर खास ध्यान दे रही है। कंपनी का लक्ष्य इस सेगमेंट में स्विगी और जेप्टो जैसी कंपनियों को कड़ी टक्कर देना है। QIP के बाद Eternal के पास करीब 19 हजार करोड़ रुपये की नकदी होगी, जिससे मुकाबला और तेज होने की उम्मीद है।
नए CEO अलबिंदर ढिंढसा की सैलरी को लेकर कंपनी ने फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि उन्हें फिक्स्ड सैलरी के साथ बोनस और शेयर ऑप्शन मिल सकते हैं, जो कंपनी के प्रदर्शन से जुड़े होंगे।