ईरान और अमेरिका-इजरायल की जंग आज 16वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। खार्ग आइलैंड पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने जवाबी धमकी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान सीजफायर के लिए तैयार है, लेकिन शर्तें अभी अमेरिकी पक्ष के अनुकूल नहीं हैं। होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर क्षेत्रीय तनाव बढ़ा हुआ है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Image Source: Google)
New Delhi: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 16वां दिन है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि ईरान छोटे ड्रोन हमला या होर्मुज स्ट्रेट के पास कम दूरी की मिसाइल हमले कर सकता है।
ट्रंप ने क्षेत्र में शिपिंग सुरक्षित करने के लिए चीन, फ्रांस, जापान, साउथ कोरिया और ब्रिटेन जैसे देशों से जहाज भेजने की अपील की। उन्होंने कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन शर्तें अभी अमेरिकी पक्ष के अनुकूल नहीं हैं। खार्ग आइलैंड पर किए गए अमेरिकी हमले को उन्होंने पूरी तरह सफल बताया और कहा कि जरूरत पड़ने पर इसे फिर से निशाना बनाया जा सकता है।
ईरान ने खार्ग आइलैंड पर अमेरिकी हमले के बाद सख्त चेतावनी दी है। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अगर उनके तेल और ऊर्जा संसाधनों पर हमला हुआ, तो ईरान जवाबी कार्रवाई करेगा। खातम अल-अनबिया के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फाघारी ने चेतावनी दी कि अमेरिकी हितों से जुड़े सभी तेल और आर्थिक संसाधनों को राख के ढेर में बदल दिया जाएगा। इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट खुला है, लेकिन उनके नियंत्रण में है। यह केवल उन जहाजों के लिए बंद है जो ईरान के खिलाफ हैं, जबकि बाकी सभी के लिए मार्ग सुरक्षित है।
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28 फरवरी से जारी इस जंग में अब तक कई देशों को निशाना बनाया जा चुका है। ईरान ने अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में मध्यपूर्व के कई हिस्सों में हमले किए हैं। होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है, जो दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल का मार्ग है। खार्ग आइलैंड पर अमेरिका की बमबारी ने ईरानी सैन्य ढांचे को नष्ट कर दिया है।
नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने स्थिति सामान्य होने का भरोसा दिया, जबकि ईरान के पूर्व शाह के बेटे रजा पहलवी ने भविष्य की सरकार संभालने के लिए तत्परता जताई। हमास ने भी ईरान से अपील की है कि पड़ोसी देशों को निशाना बनाने से परहेज करें, हालांकि ईरान को अमेरिकी और इजरायली हमलों से बचने का अधिकार है।
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ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी यह जंग अब तक किसी शांति या समाधान की ओर नहीं बढ़ी है। क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है, और कई देशों ने अपने जहाजों और संसाधनों की सुरक्षा को लेकर कदम उठाना शुरू कर दिया है।