
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Image Source: Google)
New Delhi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ संभावित शांति वार्ता को लेकर बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने पाकिस्तान भेजे जाने वाले अपने शीर्ष अधिकारियों की यात्रा रद्द कर दी। यह यात्रा ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को कम करने की कोशिश का हिस्सा मानी जा रही थी।
मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने अधिकारियों को लंबी यात्रा से रोक दिया, क्योंकि वह बिना किसी नतीजे के घंटों की बातचीत नहीं चाहते। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका ऐसी बैठकों में शामिल नहीं होगा, जहां स्पष्ट प्रगति की संभावना न हो।
बताया जा रहा है कि ईरान के विदेश मंत्री अराघची पाकिस्तान से ओमान के लिए रवाना हो चुके हैं। हालांकि इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की चर्चा थी, लेकिन अब ऐसी कोई बैठक नहीं हो सकी।
ट्रंप ने बातचीत के दौरान ईरान को लेकर अपनी सख्त रणनीति भी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अमेरिका मजबूत स्थिति में है और बातचीत की पहल ईरान को करनी चाहिए। ट्रंप के मुताबिक, हमारे पास सारे ताश के पत्ते हैं, वे हमें कभी भी फोन कर सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि अमेरिका 18 घंटे की उड़ान भरकर सिर्फ औपचारिक बातचीत करने नहीं जाएगा। उनका मानना है कि यदि किसी बातचीत का स्पष्ट उद्देश्य और नतीजा न हो, तो ऐसे दौरे समय और संसाधनों की बर्बादी बन जाते हैं। ट्रंप के इस बयान को अमेरिकी विदेश नीति में सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि अब बातचीत की जिम्मेदारी ईरान पर है।
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी विशेष दूत स्टिव विटकॉफ और राष्ट्रपति के दामाद जारेड कुश्नर को पाकिस्तान भेजा जाना था। दोनों अधिकारियों की यात्रा इस्लामाबाद में ईरानी प्रतिनिधियों से संभावित वार्ता के लिए तय की गई थी।
ट्रंप ने बताया कि अधिकारियों की यात्रा की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी थी, लेकिन उन्होंने अंतिम समय में इसे रोक दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने सहयोगियों से साफ कह दिया कि इतनी लंबी यात्रा तब तक नहीं होगी, जब तक बातचीत को लेकर ठोस संकेत न मिलें।
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ट्रंप ने ईरान की आंतरिक राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि ईरानी नेतृत्व में भ्रम और मतभेद की स्थिति बनी हुई है। उनके मुताबिक वहां नेतृत्व को लेकर स्पष्टता नहीं दिख रही। हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका बातचीत के लिए दरवाजे बंद नहीं कर रहा है। अगर ईरान बातचीत चाहता है, तो वह सीधे संपर्क कर सकता है।
Location : New Delhi
Published : 26 April 2026, 4:20 AM IST