इस बार दहल उठा ईरान! ट्रंप के गुस्से की आग में खाक हुए ये 8 शहर; पहली बार रेलवे नेटवर्क भी तबाह!

अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास, चाबहार और IRGC मुख्यालय समेत 8 ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान के हर हमले का 20 गुना जवाब दिया जाएगा। हमलों के बाद अब ईरान समझौते के लिए बेताब है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 9 July 2026, 11:32 AM IST

Tehran: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा गतिरोध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर आ चुका है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हुए कथित हमलों के बाद भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है।

इस भीषण हवाई हमले में दक्षिणी, दक्षिण-पूर्वी और यहाँ तक कि उत्तरी ईरान के कई अत्यंत महत्वपूर्ण सैन्य और सामरिक ठिकानों को मटियामेट कर दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ चेतावनी दी है कि यह सिर्फ शुरुआत है और जरूरत पड़ने पर आगे इससे भी भयावह कार्रवाई की जाएगी।

ये हैं वो 8 ठिकाने जहां अमेरिका ने बरपाया कहर

अमेरिकी वायुसेना ने ईरान की रीढ़ तोड़ने के लिए जिन प्रमुख और रणनीतिक ठिकानों को चुन-चुनकर निशाना बनाया, उनमें ये 8 नाम शामिल हैं:

1. जास्क
2. सीरिक
3. बंदर अब्बास (अहम बंदरगाह)
4. अबू मूसा द्वीप
5. चाबहार पोर्ट का मैरिटाइम ट्रैफिक कंट्रोल टावर
6. बुशहर
7. उत्तरी ईरान के अकाला क्षेत्र का रेलवे ब्रिज
8. ईरानशहर (बलूचिस्तान प्रांत स्थित IRGC का मुख्यालय)

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इतिहास में पहली बार ईरान का रेलवे नेटवर्क और IRGC मुख्यालय ध्वस्त

इस सैन्य कार्रवाई की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अमेरिका ने पहली बार उत्तरी ईरान के रेलवे नेटवर्क को निशाना बनाया है। 'एक्सियोस' की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने उत्तर-पूर्वी ईरान के गोलेस्तान प्रांत में तुर्कमेनिस्तान सीमा के पास स्थित दो रणनीतिक रेलवे पुलों पर भारी बमबारी की है।

इसके अलावा, दक्षिण-पूर्वी ईरान के ईरानशहर में मौजूद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के 'सलमान कमांड मुख्यालय' को भी पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया गया है। चाबहार, कोनारक और क़ेश्म जैसे संवेदनशील इलाकों में भी अमेरिकी बमबारी से भारी नुकसान की खबर है।

ट्रंप की खुली धमकी: 'हर एक हमले का 20 गुना ताकत से देंगे जवाब'

तुर्किए में नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन से वाशिंगटन लौटते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा साफ देखा गया। ट्रंप ने कहा, "हमने ईरान को उसकी औकात याद दिला दी है। उसने हमारे दो नहीं बल्कि तीन जहाजों को निशाना बनाया था। अगर ईरान ने दोबारा ऐसी हिमाकत की, तो अमेरिका इस बार से 20 गुना ज्यादा ताकतवर जवाबी हमला करेगा।" ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इन हमलों के बाद अब ईरान घुटनों पर आ गया है और बातचीत की भीख मांग रहा है।

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परमाणु हथियार रोकने का मकसद, लेकिन समझौते पर भरोसा नहीं

ट्रंप ने साफ किया कि इस पूरी सैन्य कार्रवाई का एकमात्र उद्देश्य ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना है। अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान का 'डी-न्यूक्लियराइजेशन' करके रहेगा। हालांकि, उन्होंने ईरान की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा, "ईरान अब समझौता चाहता है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या तेहरान जैसे मुल्क पर किसी वादे को निभाने के लिए भरोसा किया जा सकता है? हालात पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं, लेकिन ईरान अब समझौते के लिए बेताब है।"

Location :  Tehran

Published :  9 July 2026, 11:32 AM IST