US Iran Tension: होर्मुज बना जंग का मैदान, ट्रंप के दावे से हलचल, क्या ईरान सच में संकट में घिरा

अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। ट्रंप के दावों पर ईरान ने कड़ा जवाब दिया है, जबकि मध्यस्थता और परमाणु मुद्दे पर बातचीत अब भी अनिश्चित बनी हुई है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 29 April 2026, 8:09 AM IST

Washington: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि वह इस समय गंभीर संकट यानी “स्टेट ऑफ कोलैप्स” की स्थिति में है। ट्रंप के अनुसार, ईरान ने अमेरिका से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि ईरान अपने नेतृत्व से जुड़े हालात को समझने के लिए इस मार्ग को खुलवाना चाहता है।

ईरान का कड़ा पलटवार

ट्रंप के बयान पर ईरान ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और इसे दबाव की राजनीति करार दिया। ईरानी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि उनका देश किसी भी तरह का अमेरिकी दबाव स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अब उस स्थिति में नहीं है कि वह अन्य देशों को निर्देश दे सके।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ता तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव का सबसे बड़ा केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य बन गया है। पाकिस्तान में हुई शुरुआती वार्ता विफल रहने के बाद अमेरिका ने इस क्षेत्र में नाकेबंदी कर दी थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अस्थिरता देखी जा रही है।

परमाणु मुद्दे पर अड़ी अमेरिका

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका केवल होर्मुज के मुद्दे को अलग से सुलझाने के पक्ष में नहीं है। उसका कहना है कि जब तक ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर स्पष्ट और ठोस समझौता नहीं होता, तब तक किसी भी आंशिक समाधान का कोई मतलब नहीं है।

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कतर की चेतावनी

इस बीच कतर ने चेतावनी दी है कि यदि इस विवाद का स्थायी समाधान नहीं निकला तो यह “फ्रोजन कॉन्फ्लिक्ट” में बदल सकता है। यानी ऐसा संघर्ष जो समय-समय पर भड़कता रहे। कतर ने क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया है।

प्रस्ताव पर जारी है विचार

व्हाइट हाउस के अनुसार ईरान की ओर से एक नया प्रस्ताव भेजा गया है, जो पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका तक पहुंचा है। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य और परमाणु मुद्दे दोनों को शामिल किया गया है। हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि प्रस्ताव पहले से बेहतर जरूर है, लेकिन इसकी विश्वसनीयता पर सवाल बने हुए हैं।

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वार्ता का भविष्य अनिश्चित

पाकिस्तान की मध्यस्थता के बावजूद दोनों देशों के बीच अगली वार्ता की तारीख तय नहीं हो पाई है। वहीं ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी समझौते से पहले अमेरिका और इजरायल से भविष्य में हमले न करने की गारंटी चाहता है।

Location :  Washington

Published :  29 April 2026, 8:09 AM IST