
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Source: Pinterest)
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर कहा कि ईरान के साथ समझौते का उसे पर्याप्त मौका दिया गया, लेकिन उसने इसका फायदा नहीं उठाया। इसके बाद अमेरिका अब उसकी अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
ट्रंप के मुताबिक, जो देश अपने वित्तीय संस्थानों, कारोबार, एयरपोर्ट या सरकारी एजेंसियों के जरिए ईरान को किसी भी तरह की मदद की अनुमति देंगे, उन्हें भी भारी आर्थिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने तेल की तस्करी, स्वैप लाइन, कैश ट्रांसफर, एक्सचेंज हाउस, जहाजों की रजिस्ट्री और फ्रंट कंपनियों जैसी गतिविधियों को रोकने की बात कही। उन्होंने इसे 'इकोनॉमिक D-Day' बताते हुए सहयोगी देशों से अमेरिका के साथ खड़े होने की अपील की।
ट्रंप ने यह भी दोहराया कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा। उनका कहना है कि आर्थिक दबाव का उद्देश्य ईरान को अलग-थलग करना और उसकी सैन्य तथा अन्य गतिविधियों की क्षमता को कमजोर करना है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ भी अहम मुद्दा बना हुआ है। मिसाइल हमलों में हालिया कमी के बावजूद ईरान पर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से शिपिंग को प्रभावित करने के आरोप हैं। रास्ते को फिर से खोलना अमेरिका की प्रमुख मांगों में शामिल रहा है।
इसी बीच दोनों देशों के बीच बातचीत को लेकर भी स्थिति लगातार बदलती रही है। हाल के दिनों में दोनों पक्षों की ओर से संदेशों के आदान-प्रदान की बात सामने आई थी, लेकिन मंगलवार को ट्रंप ने दावा किया कि बातचीत बंद हो गई है।
ट्रंप का यह ऐलान ऐसे समय हुआ है जब संघर्ष को छह महीने पूरे होने वाले हैं और अभी तक कोई स्पष्ट कूटनीतिक या सैन्य समाधान दिखाई नहीं दे रहा है। नवंबर में होने वाले चुनावों से पहले ट्रंप को युद्ध को लेकर घरेलू राजनीतिक आलोचना का भी सामना करना पड़ रहा है।
ट्रंप की घोषणा अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के उस बयान के करीब एक सप्ताह बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ईरान को ऐसी आर्थिक स्थिति में अलग-थलग करेगा, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।
उधर, ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से जहाजों की आवाजाही को मैनेज करने को लेकर योजना पर काम करने की बात कही गई है। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के लिए तय 60 दिन की बातचीत की अवधि भी समाप्ति की ओर बढ़ रही है। ऐसे में ट्रंप की नई आर्थिक कार्रवाई ने क्षेत्रीय तनाव के साथ-साथ वैश्विक कारोबार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
Location : Washington
Published : 20 August 2026, 10:13 AM IST
Topics : Donald Trump Iran News US Iran Conflict