
कैलिफोर्निया की मेयर ईलिग वांग (सोर्स: गूगल)
New Delhi: अमेरिका की राजनीति और सुरक्षा तंत्र को हिला देने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक निर्वाचित मेयर पर विदेशी ताकत के लिए गुप्त रूप से काम करने के आरोप लगे हैं। FBI की जांच में दावा किया गया है कि यह मामला सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है और इसमें चीन से जुड़े एक कथित प्रोपेगेंडा नेटवर्क की परतें खुली हैं।
FBI का बड़ा दावा
Federal Bureau of Investigation (FBI) ने जानकारी दी है कि कैलिफोर्निया के अर्काडिया शहर की मेयर ईलिग वांग पर आरोप है कि उन्होंने चीन सरकार के इशारों पर काम किया। यह मामला साल 2020 के अंत से 2022 तक के बीच का बताया जा रहा है, जिसमें आरोप है कि वांग ने विदेशी निर्देशों के तहत अमेरिका में चीन के हितों को बढ़ावा देने वाली गतिविधियां चलाई।
प्रोपेगेंडा नेटवर्क का आरोप
जांच के मुताबिक, वांग और उनके सहयोगियों ने “यूएस न्यूज सेंटर” नाम की वेबसाइट के जरिए चीन समर्थक सामग्री प्रकाशित की। इस वेबसाइट को स्थानीय चीनी-अमेरिकी समुदाय के लिए न्यूज सोर्स बताया जाता था, लेकिन असल में इसे विदेशी निर्देशों पर चलाया जा रहा था। आरोप है कि चीनी अधिकारी पहले से लिखे हुए लेख भेजते थे, जिन्हें बाद में वेबसाइट पर पब्लिश किया जाता था।
वीचैट से हुआ संपर्क
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, जून 2021 में एक चीनी अधिकारी ने वांग से एन्क्रिप्टेड ऐप WeChat के जरिए संपर्क किया था। इस दौरान उन्हें तैयार किए गए लेख भेजे गए थे ताकि उन्हें सीधे वेबसाइट पर पोस्ट किया जा सके। यह पूरा नेटवर्क एक संगठित प्रोपेगेंडा ऑपरेशन की तरह काम कर रहा था।
ईलिग वांग ने गंभीर आरोपों को स्वीकार करने पर सहमति जताई
58 वर्षीय ईलिग वांग ने गंभीर आरोपों को स्वीकार करने पर सहमति जताई है। अगर दोष सिद्ध होता है तो उन्हें अधिकतम 10 साल की जेल हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह जल्द ही लॉस एंजिल्स की जिला अदालत में पेश होंगी और आने वाले हफ्तों में औपचारिक रूप से अपना गुनाह कबूल कर सकती हैं। इसके बाद उन्होंने सिटी काउंसिल और मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है।
अमेरिकी अधिकारियों की प्रतिक्रिया
अमेरिकी न्याय विभाग के अधिकारियों ने इस मामले को लोकतंत्र पर हमला बताया है। वहीं FBI के अधिकारियों का कहना है कि यह एक चेतावनी है कि विदेशी ताकतों के लिए काम करने वालों की पहचान कर उन्हें सजा दी जाएगी। एजेंसियों ने साफ किया है कि राष्ट्रीय संस्थानों में बाहरी हस्तक्षेप को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Location : New Delhi
Published : 12 May 2026, 2:39 PM IST