यूक्रेन युद्ध के बीच रूस में चुनाव पुतिन का जलवा बरकरार; रूस संसदीय चुनाव में यूनाइटेड रशिया का दबदबा

रूस संसदीय चुनाव में व्लादिमीर पुतिन समर्थक यूनाइटेड रशिया पार्टी ने शुरुआती नतीजों में 57.5% वोट के साथ बढ़त बनाई है। यह यूक्रेन युद्ध के बाद पहला बड़ा संसदीय चुनाव है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 21 September 2026, 11:14 AM IST

नई दिल्ली: रूस के संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समर्थक यूनाइटेड रशिया पार्टी ने शुरुआती नतीजों में बड़ी बढ़त हासिल कर ली है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक पार्टी को करीब 57.5 प्रतिशत वोट मिले हैं। हालांकि, चुनाव के अंतिम आधिकारिक नतीजे अभी जारी नहीं हुए हैं।

यह चुनाव फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के सैन्य अभियान की शुरुआत के बाद पहला संसदीय चुनाव है। पुतिन ने चुनाव प्रचार के दौरान इसे यूक्रेन में तैनात रूसी सैनिकों के समर्थन से जोड़कर पेश किया था।

450 सीटों वाली स्टेट ड्यूमा के लिए हुआ चुनाव

रूस की संसद के निचले सदन स्टेट ड्यूमा में कुल 450 सीटें हैं। इनमें 225 सीटों का फैसला पार्टियों को मिले वोट के आधार पर होता है, जबकि बाकी 225 सीटों पर क्षेत्रीय स्तर पर सीधे चुनाव कराए जाते हैं।

2021 के पिछले संसदीय चुनाव में यूनाइटेड रशिया पार्टी ने 450 में से 324 सीटों पर जीत हासिल की थी।

युद्ध विरोधी याब्लोको पार्टी चुनाव से बाहर

इस बार रूस की युद्ध विरोधी मानी जाने वाली याब्लोको पार्टी को पार्टी के नाम पर चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं मिली। हालांकि, उसके कुछ नेताओं को व्यक्तिगत उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का मौका दिया गया।

इसके अलावा कई सरकार विरोधी नेताओं और उम्मीदवारों को भी चुनावी मैदान में उतरने की अनुमति नहीं मिली। रूस में इस बार मतदान प्रतिशत 56.66 प्रतिशत रहा, जबकि मॉस्को में मतदान रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज किया गया।

चुनाव में उम्मीदवार नहीं थे व्लादिमीर पुतिन

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन खुद इस संसदीय चुनाव में उम्मीदवार नहीं थे और न ही वह वर्तमान में यूनाइटेड रशिया पार्टी के सदस्य हैं। हालांकि, वह वर्ष 2008 से 2012 तक इस पार्टी के नेता रह चुके हैं।

रूस में अगला राष्ट्रपति चुनाव वर्ष 2030 में होना है।

पुतिन ने यूक्रेन नीति से जोड़ा चुनाव

चुनाव से पहले पुतिन ने कहा था कि लोगों का वोट यूक्रेन में लड़ रहे रूसी सैनिकों के समर्थन को दर्शाएगा। अब चुनाव परिणामों को लेकर रूस की सरकार इसे अपनी नीतियों और यूक्रेन को लेकर अपनाए गए रुख के समर्थन के तौर पर पेश कर सकती है।

Location :  New Delhi

Published :  21 September 2026, 11:14 AM IST