चीन, रूस, ईरान और UAE के प्रतिनिधि दिल्ली में जुटेंगे, BRICS बैठक पर दुनिया की नजर

भारत 26-27 अक्टूबर को नई दिल्ली में 12वें BRICS संसदीय फोरम की मेजबानी करेगा। चीन, रूस, ईरान और UAE समेत सदस्य देशों के प्रतिनिधि AI, संसदीय सहयोग और वैश्विक शासन पर चर्चा करेंगे।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 24 October 2026, 1:17 PM IST

नई दिल्ली: भारत 26 और 27 अक्टूबर को नई दिल्ली में 12वें BRICS संसदीय फोरम की मेजबानी करेगा। बैठक में रूस, ईरान, चीन, ब्राजील और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कालीबाफ प्रतिनिधित्व करेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस आयोजन को भारत की संसदीय कूटनीति के इतिहास में एक नया अध्याय बताया है।

संसद की भूमिका से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक पर चर्चा

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि BRICS संसदीय फोरम का उद्देश्य विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर सहमति आधारित संवाद को बढ़ावा देना है। बैठक में संस्थानों को मजबूत बनाने में संसद की भूमिका, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीकों में मानव-केंद्रित नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा वैश्विक शासन व्यवस्था को अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाने जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

इसके अलावा, BRICS देशों के लिए टिकाऊ और समावेशी भविष्य सुनिश्चित करने पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। भारत की मेजबानी में होने वाला यह मंच सदस्य देशों के बीच संसदीय संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर देगा।

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच होगी बैठक

नई दिल्ली में यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब पश्चिम एशिया में संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव जारी है। हालांकि, यह मुद्दा बैठक के आधिकारिक एजेंडे में शामिल नहीं है, लेकिन सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के बीच औपचारिक कार्यक्रमों से इतर इस पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच मतभेदों के बावजूद पिछले महीने भारत में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों की सहमति से संयुक्त घोषणा जारी की गई थी। ऐसे में संसदीय फोरम के दौरान भी साझा सहमति बनाने और संयुक्त बयान को अंतिम रूप देने पर ध्यान रहेगा।

25 अक्टूबर को होगी प्रतिनिधिमंडलों के सचिवों की बैठक

ओम बिरला के मुताबिक, 12वें BRICS संसदीय फोरम के संयुक्त बयान को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से 25 अक्टूबर को सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडलों के सचिवों की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में साझा दस्तावेज की भाषा और प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनाने की दिशा में काम होगा।

बिरला ने कहा कि भारतीय संसद विभिन्न देशों के साथ चर्चा और संवाद के माध्यम से सहमति बनाने में विश्वास रखती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी सदस्य देशों के सहयोग से 12वें BRICS संसदीय फोरम में भी संयुक्त घोषणा जारी की जा सकेगी।

दो दिवसीय बैठक के दौरान संसदीय सहयोग, तकनीकी नवाचार, समावेशी विकास और वैश्विक शासन व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सदस्य देशों के विचार सामने आने की उम्मीद है।

Location :  New Delhi

Published :  24 October 2026, 1:17 PM IST