
80 जवानों को मारने का BLF का दावा (Img- AI)
New Delhi: बलोच लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत में ग्वादर और आसपास के इलाकों में बड़े हमले का दावा किया है। संगठन के मुताबिक, ‘ऑपरेशन अल्मास’ के दौरान 80 से अधिक पाकिस्तानी सैन्य और खुफिया कर्मियों को मार गिराया गया।
BLF के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलोच ने 27 अक्टूबर को जारी बयान में कहा कि यह अभियान 22 अक्टूबर को शुरू हुआ था। हालांकि, संगठन के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
BLF के अनुसार, उसके लड़ाकों ने ग्वादर में फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन (FWO) के मुख्य शिविर पर हमला किया। इसके अलावा गब्द और रिमनदान क्षेत्रों में मौजूद सैन्य ठिकानों और सुरक्षा चौकियों को भी निशाना बनाने का दावा किया गया।
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संगठन ने कहा कि अभियान के दौरान खुफिया कार्यालयों पर भी हमले किए गए। हालांकि, इन घटनाओं और नुकसान के आंकड़ों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र जानकारी उपलब्ध नहीं है।
संगठन ने अपने बयान में दावा किया कि उसके लड़ाकों ने 12 बख्तरबंद वाहनों और सप्लाई ट्रकों को नष्ट कर दिया। इसके अलावा चार क्वाडकॉप्टर और दो निगरानी ड्रोन गिराने तथा दो पुलिस स्टेशनों पर कब्जा करने की बात भी कही गई। BLF का यह भी दावा है कि उसके लड़ाकों ने मुख्य शिविर पर 20 घंटे से ज्यादा समय तक नियंत्रण बनाए रखा। इन दावों पर स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पाकिस्तान की सैन्य मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने घटना को लेकर अलग जानकारी दी। उसके मुताबिक, ग्वादर में आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा अभियान पूरा किया गया, जिसमें 10 आतंकवादी मारे गए। ISPR ने एक नागरिक की मौत और कुछ वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी भी दी।
सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को कोई नुकसान नहीं हुआ। ISPR ने हमले को राज्य की सत्ता को चुनौती देने की कोशिश बताया और भारत समर्थित होने का आरोप लगाया। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि भी सामने नहीं आई है।
BLF ने कहा कि अभियान का नाम कमांडर अल्मास बलोच के नाम पर रखा गया था। संगठन ने उन्हें महिला लड़ाका और योजनाकार बताया। साथ ही, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) से जुड़ी परियोजनाओं को आगे भी निशाना बनाने की धमकी दी।
बलोचिस्तान में लंबे समय से अलगाववादी संगठनों की गतिविधियां जारी हैं। ये समूह संसाधनों के दोहन और सैन्य कार्रवाइयों को लेकर शिकायतें उठाते रहे हैं। ग्वादर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का अहम हिस्सा है।
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ऐसे में यहां सुरक्षा घटनाएं क्षेत्रीय स्थिरता, स्थानीय लोगों की सुरक्षा और आर्थिक परियोजनाओं को प्रभावित कर सकती हैं। फिलहाल, BLF और पाकिस्तानी सेना के दावों में बड़ा अंतर है। घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आने के लिए स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
Location : New Delhi
Published : 28 October 2026, 10:14 AM IST