मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई का पहला संदेश सामने आया है। उन्होंने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लेने की बात कही है और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रखने का ऐलान किया है।

ईरान सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Image Source: Internet)
New Delhi: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का पहला संदेश सामने आया है। अपने संबोधन में उन्होंने साफ कहा कि ईरान अपने शहीदों की मौत का बदला लेगा और संघर्ष से पीछे नहीं हटेगा। मुज्तबा ने अपने पिता अली खामेनेई की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी शहादत को भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान के बच्चों और निर्दोष लोगों की मौत का भी हिसाब लिया जाएगा।
अपने संदेश में उन्होंने यह भी घोषणा की कि होरमुज़ जलसंधि को बंद रखने की रणनीति जारी रहेगी। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है और इसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बाधित होती है, तो तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।
अपने संदेश में मुज्तबा खामेनेई ने मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी बेस खाली किए जाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक हमले जारी रहेंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में पहले से ही संघर्ष जारी है और हाल के दिनों में कई सैन्य ठिकानों पर हमलों की खबरें सामने आई हैं।
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ईरान के नए नेता ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वर्तमान युद्ध जल्द खत्म होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक उनके पिता की मौत का बदला पूरा नहीं हो जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की रणनीति अब और सख्त हो सकती है।
मुज्तबा खामेनेई ने यह संदेश किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं दिया। उनका संबोधन ईरानी सरकारी टेलीविजन के माध्यम से प्रसारित किया गया। माना जा रहा है कि सुरक्षा कारणों से वह फिलहाल किसी गुप्त स्थान पर हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की सभा द्वारा लिए गए फैसले की जानकारी उन्हें भी उसी समय मिली, जब इसे सार्वजनिक किया गया। उन्होंने ईरानी जनता की एकजुटता और साहस की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश के लोग ही इस व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत हैं।
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उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध करने की रणनीति जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर दुश्मनों के खिलाफ नए मोर्चे भी खोले जा सकते हैं। इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है। पिछले दो सप्ताह से जारी संघर्ष के कारण पहले ही वैश्विक तेल और गैस बाजार में भारी उथल-पुथल देखी जा रही है।
अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में इस संघर्ष का रुख किस दिशा में जाता है और क्या कूटनीतिक प्रयासों से हालात को शांत किया जा सकेगा।