ईरान में नए सुप्रीम लीडर के रूप में मोज्तबा अली खामेनेई की नियुक्ति के बाद विरोध के स्वर उठने लगे हैं। तेहरान में महिलाओं द्वारा ‘मोज्तबा मुर्दाबाद’ के नारे लगाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह विरोध उस समय सामने आया है जब अमेरिका और इजरायल के साथ जंग के बीच ईरान में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है।

महिलाओं ने लगाए मोज्तबा मुर्दाबाद के नारे (Image Source: Google)
New Delhi: अमेरिका और इजरायल के साथ जारी युद्ध के बीच ईरान में बड़ा राजनीतिक फैसला लिया गया है। पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे अयातुल्लाह मोज्तबा अली खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर घोषित कर दिया गया है। ईरान की सर्वोच्च धार्मिक संस्था 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' ने रविवार शाम इस फैसले की घोषणा की। संस्था ने कहा कि मोज्तबा खामेनेई अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के उत्तराधिकारी होंगे और देश की सर्वोच्च धार्मिक तथा राजनीतिक सत्ता संभालेंगे।
अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी को तेहरान पर हुए अमेरिका और इजरायल के हमलों में हो गई थी। यह हमला युद्ध के पहले ही दिन हुआ था, जिसमें ईरान के कई सैन्य और प्रशासनिक ठिकानों को निशाना बनाया गया था। खामेनेई की मौत के बाद से ही ईरान में नए सुप्रीम लीडर को लेकर चर्चा तेज थी।
नए सुप्रीम लीडर के तौर पर मोज्तबा खामेनेई के नाम की घोषणा होते ही विरोध की आवाजें भी सामने आने लगी हैं। सोशल मीडिया पर एक 17 सेकंड का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ महिलाएं ‘मोज्तबा की मौत हो’ और 'मोज्तबा मुर्दाबाद' जैसे नारे लगाती सुनाई दे रही हैं।
वीडियो में फारसी भाषा में लगाए जा रहे नारे स्पष्ट रूप से सुनाई देते हैं। यह वीडियो रात के समय रिकॉर्ड किया गया है और संभवतः किसी इमारत की खिड़की से शूट किया गया है। पृष्ठभूमि में धार्मिक नारे भी सुनाई देते हैं, जिससे संकेत मिलता है कि यह घटना किसी आबादी वाले इलाके में हुई हो सकती है। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। कई मीडिया संस्थानों ने भी कहा है कि वे वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर पाए हैं।
मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित किए जाने के बाद महिलाओं ने तेहरान में अपनी खिड़कियों से "मोजतबा की मौत हो" और "मोज्तबा मुर्दाबाद" के नारे लगाए।#Iran #Mojtaba_Khamenei #WomensProtest pic.twitter.com/7iFOpO3H8o
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) March 9, 2026
मोज्तबा अली खामेनेई लंबे समय से ईरान की सत्ता के भीतर प्रभावशाली माने जाते रहे हैं। उन्हें उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई का करीबी सलाहकार माना जाता था और ईरान की धार्मिक एवं राजनीतिक व्यवस्था में उनका असर बताया जाता रहा है।
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हालांकि मोज्तबा खामेनेई औपचारिक रूप से बहुत ज्यादा सार्वजनिक पदों पर नहीं रहे, लेकिन ईरान की राजनीति और सुरक्षा ढांचे में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। इसी वजह से उन्हें संभावित उत्तराधिकारी के रूप में पहले से देखा जा रहा था।
अब जब उन्हें आधिकारिक रूप से सुप्रीम लीडर बना दिया गया है, तो ईरान के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस फैसले के राजनीतिक और सामाजिक असर पर नजर रखी जा रही है। वहीं तेहरान से सामने आए विरोध के वीडियो ने इस बदलाव को लेकर नई बहस भी शुरू कर दी है।