सिर्फ नौकरी नहीं, अमेरिका की अर्थव्यवस्था चला रहे हैं भारतीय प्रवासी; जानिए पूरी रिपोर्ट!

अमेरिका में भारतीय प्रवासियों ने 1.18 लाख करोड़ रुपये का भारी निवेश कर 12,500 नौकरियां पैदा की हैं। होटल, हेल्थकेयर और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में भारतवंशियों का दबदबा ट्रंप प्रशासन के दावों को चुनौती देता है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 21 October 2026, 2:41 PM IST

New Delhi: अमेरिका में अप्रवासन और एच-1बी वीजा नीतियों पर छिड़ी बहस के बीच भारतीय प्रवासियों को लेकर एक नया और चौंकाने वाला आर्थिक सच सामने आया है। अटलांटा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास की एक ताजा रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका के दक्षिण-पूर्वी राज्यों में रहने वाले भारतवंशियों ने अपनी मेहनत और व्यापारिक सूझबूझ के दम पर अमेरिकी अर्थव्यवस्था में गहरी जड़ें जमा ली हैं। यह रिपोर्ट उन सभी धारणाओं को ध्वस्त करती है जिसमें अक्सर प्रवासियों को केवल नौकरी छीनने वाले के रूप में देखा जाता है।

दक्षिण-पूर्व अमेरिका में 1.18 लाख करोड़ का भारी निवेश

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के दक्षिण-पूर्व क्षेत्र में बसे करीब 4.5 लाख भारतीय-अमेरिकियों ने मिलकर 12.5 अरब डॉलर (लगभग 1.18 लाख करोड़ रुपये) का बड़ा निवेश किया है। इस पूंजी के बूते स्थानीय स्तर पर लगभग 12,500 नए रोजगार पैदा हुए हैं।

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अटलांटा, मियामी, नैशविले, टाम्पा और ऑरलैंडो जैसे प्रमुख शहरों में भारतीय उद्यमी सिर्फ अपनी आजीविका नहीं चला रहे, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार दे रहे हैं। यह खुलासे ऐसे वक्त में आए हैं जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा चल रही है और दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौतों पर बातचीत अपने अंतिम चरण में है।

चार मोर्चों पर भारतीय दबदबा

भारतीय प्रवासियों ने जिन चार प्रमुख क्षेत्रों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है, उनका पूरा लेखा-जोखा नीचे दिया गया है-

कारोबारी क्षेत्र निवेश की स्थिति स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

होटल उद्योग 91,200 करोड़ रुपये 2,000 से अधिक होटल, जो पर्यटन और रोज़गार के क्षेत्र की रीढ़ हैं।

रिटेल (खुदरा) 14,250 करोड़ रुपये 3,000 से अधिक छोटे व्यवसाय, जो स्थानीय सप्लाई चेन संभाल रहे हैं।

रियल एस्टेट 12,350 करोड़ रुपये 5,000 से ज्यादा संपत्तियां, जो बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही हैं।

हेल्थकेयर 950 करोड़ रुपये 400 से अधिक अस्पताल और क्लीनिक, जो बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं।

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नीतिगत बहसों के बीच अमेरिका के लिए वरदान बने भारतवंशी

राजनीतिक मंचों पर एच-1बी वीजा और स्थानीय कामगारों के अधिकारों को लेकर भले ही तमाम दावे किए जाते हों, लेकिन ज़मीनी हकीकत इन बयानों के बिल्कुल उलट तस्वीर पेश करती है। प्यू रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में कुल 52 लाख भारतीय-अमेरिकी रहते हैं और 2023 में इनकी औसत पारिवारिक आय 1,51,200 डॉलर (लगभग 1.43 करोड़ रुपये) दर्ज की गई, जो अन्य समुदायों से कहीं आगे है।

इसके अलावा, भारतीय कंपनियों का अमेरिका में दायरा लगातार बढ़ रहा है। भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर के अतिरिक्त निवेश का वादा किया है, जिसमें एस्सार ग्रुप समर्थित मेसाबी मैटेलिक्स का मिनेसोटा और आयोवा में 18 अरब डॉलर की लागत से बनने वाला विशाल स्टील कॉम्प्लेक्स भी शामिल है। मुंबई में विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर और मार्को रुबियो की यह मुलाकात केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस मजबूत आर्थिक साझेदारी का प्रतीक है जिसे दोनों देशों के उद्यमियों ने अपनी पूंजी और पसीने से सींचा है।

Location :  New Delhi

Published :  21 October 2026, 2:41 PM IST