अमेरिका के साथ ऐतिहासिक ट्रेड डील के मुहाने पर भारत, कुछ ही हफ्तों में आ सकती है गुड न्यूज

भारत और अमेरिका के बीच होने वाली नई ट्रेड डील अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयानों से संकेत मिला है कि यह समझौता पुराने सभी पैटर्न्स से पूरी तरह अलग होगा और कुछ ही हफ्तों में इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 21 October 2026, 11:15 AM IST

New Delhi: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चली आ रही व्यापारिक बातचीत अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान ने दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में नई हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि भारत और अमेरिका ऐतिहासिक ट्रेड डील के बेहद करीब हैं और यह समझौता अमेरिका के इतिहास के तमाम पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगा। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि भारत इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अहम कूटनीतिक दौरे पर भारत आए हैं।

महीनों नहीं, अब सिर्फ हफ्तों का इंतजार

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी व्यापार वार्ता में आई तेज प्रगति पर मुहर लगाई है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने साफ संकेत दिया कि इस डील को अंतिम रूप देने में अब महीनों का वक्त नहीं लगेगा, बल्कि यह काम आने वाले कुछ हफ्तों में पूरा हो सकता है। रुबियो के अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापार से जुड़े अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब केवल कुछ तकनीकी पहलुओं, दस्तावेजों की भाषा और शर्तों के कानूनी स्वरूप को अंतिम रूप देना बाकी है, जिस पर दोनों पक्ष मिलकर काम कर रहे हैं।

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मुंबई में जयशंकर और रुबियो की उच्चस्तरीय बैठक

इस कूटनीतिक हलचल के बीच मंगलवार को मुंबई में विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच आमने-सामने की अहम बैठक हुई। विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों दिग्गज नेताओं ने व्यापारिक समझौतों के साथ-साथ रक्षा सहयोग, आधुनिक तकनीक और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने पर गहरी चर्चा की। बैठक में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते की प्रगति पर संतोष जताया गया और इसे जल्द पूरा करने का संकल्प लिया गया।

इसके अलावा मुंबई में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की मेजबानी में हुए 'फ्रीडम 250 रिसेप्शन' में विदेश मंत्री एस जयशंकर मुख्य अतिथि रहे। इस कार्यक्रम में मार्को रुबियो ने भारत-अमेरिका संबंधों की तारीफ करते हुए कहा कि भले ही कुछ मुद्दों पर दोनों देशों की राय अलग हो सकती है, लेकिन राष्ट्रीय हितों से जुड़े मामलों में दोनों का तालमेल बेजोड़ है। उन्होंने मुंबई को देश की आर्थिक धड़कन बताते हुए दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच संवाद को और बढ़ाने की वकालत की।

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जामनगर दौरा और ऊर्जा कूटनीति पर जोर

अपनी इस यात्रा के अगले चरण में अमेरिकी विदेश मंत्री बुधवार को गुजरात के जामनगर का दौरा करेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे का मुख्य केंद्र ऊर्जा क्षेत्र में आपसी साझेदारी को नई ऊंचाइयां देना होगा। इससे पहले केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर से मिलकर वार्ताओं को आगे बढ़ा चुके हैं।

गौरतलब है कि इसी साल फरवरी में दोनों देशों ने ट्रेड डील के पहले चरण की रूपरेखा तय की थी, लेकिन अमेरिकी टैरिफ नीतियों में बदलाव के चलते बातचीत का दायरा बढ़ता गया। बहरहाल, ट्रंप और रुबियो के बयानों से यह साफ हो गया है कि दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच यह अनूठा व्यापार समझौता जल्द ही धरातल पर उतर सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक तारीख और अंतिम शर्तों का ऐलान होना अभी बाकी है।

Location :  New Delhi

Published :  21 October 2026, 11:15 AM IST