अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने का दावा किया और कहा कि इससे कम से कम एक करोड़ लोगों की जान बची। उनके बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और मीडिया में नई बहस छेड़ दी है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Washington: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव को रोकने में अहम भूमिका निभाई और इसके चलते कम से कम एक करोड़ लोगों की जान बची। ट्रंप ने यह बात शुक्रवार को फ्लोरिडा में आयोजित एक कार्यक्रम में कही, जिसमें उन्होंने अपनी विदेश नीति और शांति प्रयासों का जायजा लिया।
कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने एक साल से भी कम समय में कई शांति समझौते कराए हैं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाकर लाखों लोगों की जान बचाई। ट्रंप ने इसे अपने लिए सम्मान की बात बताते हुए कहा कि यह उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
ट्रंप ने जोर देते हुए कहा कि इस मध्यस्थता के कारण कम से कम एक करोड़ लोगों की जान बची। उन्होंने कहा कि यह न केवल एक कूटनीतिक उपलब्धि थी, बल्कि वैश्विक शांति के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। ट्रंप ने अपने भाषण में यह भी कहा कि अमेरिका की सक्रिय कूटनीति ने दक्षिण एशिया में तनाव कम करने में मदद की और दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच युद्ध की संभावना को टाल दिया।
राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि एक साल से भी कम समय में अमेरिका ने कुल आठ शांति समझौते कराए हैं। उनके अनुसार, गाजा में युद्ध समाप्त कराया गया और पश्चिम एशिया में शांति कायम की गई। ट्रंप ने कहा कि यह काम पहले असंभव माना जाता था। उन्होंने अपने भाषण में यह भी बताया कि अमेरिका ने कई देशों के बीच तनाव कम करने और संघर्ष रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु हथियारों से लैस तनाव को कम करने में मदद की। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच लड़ाई रोकना एक बड़ी उपलब्धि थी, जो दुनिया के लिए शांति का संदेश भी है। ट्रंप ने यह दावा कई बार किया है और पिछले साल 10 मई से अब तक लगभग 80 बार कहा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव रुकवाया।
ट्रंप ने पहली बार 10 मार्च को सोशल मीडिया के माध्यम से यह दावा किया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिका की मध्यस्थता में हुई रातभर की बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान संघर्ष रोकने पर सहमत हुए। हालांकि भारत सरकार लगातार यह कहती रही है कि भारत-पाकिस्तान के बीच किसी भी मुद्दे पर किसी तीसरे देश की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की जाती। भारत ने ट्रंप के दावों को पहले भी खारिज किया है।
ट्रंप अक्सर अपनी विदेश नीति को लेकर बड़े दावे करते रहे हैं। उनके इस ताजा बयान पर मीडिया और विशेषज्ञों में मतभेद देखने को मिल रहे हैं। जहां कुछ लोग इसे ट्रंप की कूटनीतिक सफलता मान रहे हैं, वहीं कई आलोचक इसे अतिशयोक्ति और वास्तविकता से दूर बताते हैं। भारत सरकार की स्थिति स्पष्ट है कि किसी भी सैन्य या राजनीतिक निर्णय में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका को मान्यता नहीं दी गई।