
एक्ट्रेस स्मिता बंसल का झकझोरने वाला खुलासा (Img- Internet)
Mumbai: टेलीविजन जगत के सबसे लोकप्रिय और कल्ट धारावाहिकों में से एक बालिका वधू में आनंदी की सास सुमित्रा का यादगार किरदार निभाने वाली मशहूर अभिनेत्री स्मिता बंसल ने अपने शुरुआती दिनों के संघर्ष की एक बेहद दर्दभरी और झकझोर देने वाली कहानी साझा की है। आज के दौर में जहां एक्टर्स के लिए सेट पर लग्जरी वैनिटी वैन, पर्सनल मेकअप रूम और सुख-सुविधाओं की लंबी फेहरिस्त होती है, वहीं एक दौर ऐसा भी था जब कलाकारों को बुनियादी सहूलियतों के लिए भी कड़ा संघर्ष करना पड़ता था। स्मिता बंसल ने बताया कि कैसे उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में विपरीत परिस्थितियों के बीच काम किया।
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान स्मिता बंसल ने पुराने दिनों को याद करते हुए आज और कल के दौर के अंतर को समझाया। उन्होंने कहा, "आजकल की वैनिटी वैन में भी कई तरह के लेवल्स और कैटेगरीज आ गई हैं, लेकिन हमारे समय में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ करता था। उस दौर में वैनिटी वैन होना एक बहुत बड़ी लग्जरी माना जाता था।
आज जो युवा कलाकार इस इंडस्ट्री में कदम रख रहे हैं, उन्हें सब कुछ पहले से तैयार मिलता है। उन्हें उस दौर का वो कड़ा स्ट्रगल नहीं देखना पड़ रहा है, जिससे होकर हम सब गुजरे हैं।" स्मिता ने आगे कहा कि वे दोनों दौर का हिस्सा रही हैं, इसलिए वे आज भी बिना वैनिटी के कहीं भी एड्जस्ट कर सकती हैं।
इंटरव्यू के दौरान स्मिता ने एक बेहद असहज कर देने वाला वाकया साझा किया। उन्होंने बताया, "एक बार मैं एक हॉरर शो की शूटिंग कर रही थी। उस सेट पर न तो बैठने के लिए कुर्सियां थीं और न ही कपड़े बदलने के लिए कोई मेकअप रूम। ऐसे में कपड़े चेंज करने के लिए हमने एक तरकीब निकाली।
हमने एक ओपन (खुली) जीप के चारों तरफ पर्दे बांध दिए और उसके भीतर बैठकर मैंने अपने कपड़े बदले। हमने सोचा कि किसी पेड़ के पीछे जाकर कपड़े बदलने से तो यही बेहतर है कि जीप का ही इस्तेमाल कर लिया जाए।"
स्मिता बंसल ने बताया कि आउटडोर शूटिंग के दौरान महिला कलाकारों को सबसे ज्यादा और गंभीर परेशानी वॉशरूम (टॉयलेट) की होती थी। उन्होंने कहा, "जब हमारी शूटिंग किसी गांव, गली या मोहल्ले में होती थी, तो हमारे पास कोई विकल्प नहीं होता था। हमें मजबूरन स्थानीय लोगों के घरों के दरवाजे खटखटाने पड़ते थे और उनसे वॉशरूम इस्तेमाल करने की इजाजत मांगनी पड़ती थी।"
इस अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि कुछ लोग बहुत अच्छे होते थे जो हमारा स्वागत करते थे और पानी पिलाते थे, लेकिन कुछ लोग साफ मना कर देते थे कि वे शूटिंग वालों को अपने घर के अंदर नहीं आने देंगे। स्मिता ने बताया कि इस समस्या से बचने के लिए उन्होंने एक खौफनाक रास्ता चुना था।
सेट पर पूरे दिन में केवल एक बार बस आती थी जो कलाकारों को टॉयलेट लेकर जाती थी। अगर बीच में जरूरत पड़े तो कोई रास्ता नहीं था। इसी वजह से महिला कलाकार सेट पर पानी पीना ही छोड़ देती थीं, ताकि उन्हें बार-बार वॉशरूम जाने की जरूरत ही न पड़े। हालांकि, स्मिता मानती हैं कि उन्हीं मुश्किलों और कड़वे अनुभवों ने उन्हें आज एक मजबूत इंसान बनाया है।
Location : Mumbai
Published : 11 June 2026, 11:30 AM IST