“मेरे पति को कुछ नहीं होना चाहिए… चाहे मेरी किडनी ले लीजिए”, यूपी के हाथरस में पत्नी ने सावित्री बनकर बचाई पति की जान

Kidney Transplant के जरिए हाथरस की मीना कुशवाहा ने अपनी किडनी दान कर पति महेंद्र को नया जीवन दिया। महेंद्र की दोनों किडनी खराब थीं और वह लंबे समय से डायलिसिस करा रहे थे। एसएन मेडिकल कॉलेज में उनका सफल ट्रांसप्लांट हुआ। मीना के इस फैसले पर परिवार ने उन्हें देवी बताया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 24 August 2026, 10:10 AM IST

Hathras: शादी के सात फेरों के दौरान सुख-दुख और बीमारी में साथ निभाने का वचन देने वाली पत्नी ने उसे सच साबित कर दिखाया। हाथरस के सिकंदराराऊ निवासी मीना कुशवाहा ने अपनी जिंदगी की परवाह किए बिना पति महेंद्र कुशवाहा को नई जिंदगी देने के लिए अपनी किडनी दान कर दी। इस फैसले ने पूरे परिवार को भावुक कर दिया। महेंद्र की मां ने बहू को देवी का दर्जा दिया है।

डेढ़ साल से दोनों किडनी खराब होने से जूझ रहे थे पति

सिकंदराराऊ निवासी 32 वर्षीय महेंद्र कुशवाहा निजी स्कूल में पढ़ाते थे। करीब डेढ़ साल पहले जांच में उनकी दोनों किडनी खराब होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद उनका लगातार डायलिसिस चल रहा था। बीमारी के कारण महेंद्र का शरीर लगातार कमजोर होता जा रहा था।

पति की हालत को देखते हुए मीना खुद उन्हें इलाज और डायलिसिस के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज लेकर जाती थीं। तीन बच्चों की जिम्मेदारी संभालने के साथ वह पति की देखभाल भी करती रहीं। डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट को महेंद्र की जिंदगी बचाने का बेहतर विकल्प बताया।

आर्थिक स्थिति बनी बड़ी चुनौती

निजी अस्पतालों में किडनी ट्रांसप्लांट का खर्च अधिक होने के कारण परिवार के सामने आर्थिक चुनौती भी थी। इसी दौरान परिवार को एसएन मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने की जानकारी मिली। इसके बाद मीना ने पति के साथ अस्पताल पहुंचकर पंजीकरण कराया।

जब डॉक्टरों ने किडनी दान करने की संभावना बताई तो मीना ने बिना देर किए अपनी किडनी देने का फैसला कर लिया। चिकित्सकीय जांच में उनकी रिपोर्ट ठीक पाई गई और उन्हें किडनी दान के लिए उपयुक्त माना गया।

सफल हुआ किडनी ट्रांसप्लांट

शनिवार को एसएन मेडिकल कॉलेज में महेंद्र का सफल किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। फिलहाल उन्हें आइसोलेट चैंबर में रखा गया है। किडनी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन के मुताबिक मरीज की हालत बिल्कुल ठीक है। महेंद्र एसएन मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले पहले मरीज भी बने हैं।

'पति से बड़ा किडनी का मोल नहीं'

मीना ने कहा कि पति की दोनों किडनी खराब होने की जानकारी मिलने के बाद वह बेहद परेशान थीं। उनके मन में सिर्फ यही था कि पति को कैसे बचाया जाए। जब किडनी दान करने की बात सामने आई तो उन्होंने सबसे पहले हामी भरी।

मीना के मुताबिक, जीवनसाथी के लिए किया गया यह फैसला उनके लिए किसी त्याग से कम नहीं था। उन्होंने कहा कि पति से बड़ा किडनी का कोई मोल नहीं है और उनकी जिंदगी की डोर उसी से जुड़ी है।

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सास ने बहू को बताया देवी

महेंद्र के परिवार ने भी मीना के इस फैसले की जमकर सराहना की। उनके ससुर पप्पू सिंह ने बताया कि बेटे की बीमारी की जानकारी के बाद पूरा परिवार बेहद परेशान था। डॉक्टरों ने किडनी दान मिलने पर जीवन बचने की बात कही थी। ऐसे में बहू सबसे आगे आई।

उन्होंने कहा कि उनकी बहू ने बेटे को नया जीवन दिया है और वह उनके लिए देवी के समान है।

Location :  Hathras

Published :  24 August 2026, 9:59 AM IST