Ram Temple Donation Theft: करोड़ों के खेल का खुलासा! टिन्नू-सुभाष की जोड़ी ने कैसे रचा चढ़ावे की लूट का पूरा जाल?

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस जांच में कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं। आरोप है कि टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव ने मिलकर दान राशि में गड़बड़ी का पूरा नेटवर्क बनाया। जांच में कर्मचारियों और बैंक से जुड़े लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। मामले में कई बड़े सवाल उठ रहे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 27 June 2026, 9:05 AM IST

Ayodhya: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच में दावा किया जा रहा है कि दान राशि में गड़बड़ी किसी एक व्यक्ति का काम नहीं बल्कि एक संगठित तरीके से चलाए जा रहे नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। पुलिस अब पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

टिन्नू यादव और सुभाष पर उठे सवाल

जांच के दौरान सामने आया है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू यादव की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि टिन्नू के प्रभाव का इस्तेमाल कर गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव ने कुछ लोगों को साथ जोड़कर दान राशि में हेरफेर का खेल शुरू किया।

कई वर्षों तक चलता रहा खेल

सूत्रों के अनुसार, दान पेटियों की गणना और रकम संभालने की प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। आरोप है कि इस दौरान कुछ कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया जाता था और बाद में रकम का बंटवारा किया जाता था। हालांकि, पूरे मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

कैमरों और सुरक्षा के बावजूद कैसे हुई गड़बड़ी?

राम मंदिर परिसर में सुरक्षा और निगरानी के लिए आधुनिक व्यवस्था मौजूद है। इसके बावजूद अगर दान राशि में गड़बड़ी हुई तो यह बड़ा सवाल बन गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि निगरानी व्यवस्था में कहां चूक हुई और इसका फायदा किस तरह उठाया गया।

बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

मामले में बैंक से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोप है कि कुछ बैंक कर्मियों को भी इस पूरे मामले में हिस्सा मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अब उन सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है जो दान राशि की प्रक्रिया से जुड़े थे।

ट्रस्ट पदाधिकारियों पर भी नजर

इस मामले में ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि अभी तक किसी पदाधिकारी के खिलाफ आरोप साबित नहीं हुए हैं। पुलिस और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह केवल लापरवाही थी या किसी स्तर पर मिलीभगत।

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जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

राम मंदिर जैसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल से जुड़े इस मामले में जांच कई स्तरों पर चल रही है। पुलिस सबूतों, दस्तावेजों और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

Location :  Ayodhya

Published :  27 June 2026, 9:05 AM IST