चढ़ावा चोरी के बाद एक्शन मोड में राम मंदिर ट्रस्ट, SBI करार पर कल अंतिम मुहर

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट वित्तीय व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी में है। SBI से करार खत्म करने और खातों को दूसरे बैंक में शिफ्ट करने पर विचार चल रहा है। आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर पेशेवर निगरानी में चढ़ावे की गणना कराई जा सकती है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 5 July 2026, 8:13 AM IST

Ayodhya: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अब अपनी वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। चढ़ावा चोरी प्रकरण सामने आने के बाद ट्रस्ट ने चढ़ावे की गणना, लेखा-जोखा और बैंकिंग सिस्टम को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। सूत्रों के अनुसार छह जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

SBI से करार खत्म करने पर विचार

सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ मौजूदा व्यवस्था समाप्त करने पर विचार कर रहा है। प्रस्ताव है कि ट्रस्ट के खातों को किसी अन्य सरकारी या निजी बैंक में स्थानांतरित किया जा सकता है। दान राशि की गणना और बैंकिंग व्यवस्था को लेकर ट्रस्ट और एसबीआई के बीच लिखित करार था, लेकिन चढ़ावा चोरी के मामले ने इस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आउटसोर्सिंग व्यवस्था हो सकती है खत्म

बताया जा रहा है कि ट्रस्ट अब चढ़ावे की गणना और बैंकिंग कार्यों में आउटसोर्सिंग व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर सकता है। नई व्यवस्था के तहत स्थायी चार्टर्ड अकाउंटेंट, मैनेजमेंट ग्रेजुएट, सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी और अनुभवी बैंक कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। इसका उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और निगरानी को मजबूत करना है।

बैंक कर्मियों की भूमिका पर सवाल

चढ़ावा चोरी मामले में एसबीआई बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुलिस जांच में कुछ कर्मियों की मिलीभगत के संकेत भी मिले हैं। बैंक के दो कर्मचारियों रत्नेश और गगनदीप का नाम सामने आया है, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। एसआईटी भी बैंक अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है।

विभागीय जांच शुरू, कार्रवाई का इंतजार

सूत्रों के अनुसार एसबीआई के उच्चाधिकारियों ने अयोध्या धाम शाखा के मैनेजर समेत करीब आठ से दस कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि, अब तक किसी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। बैंक प्रबंधन ने इस मामले में सिर्फ इतना कहा है कि वह एसआईटी जांच में सहयोग कर रहा है।

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पुलिस कार्रवाई में देरी क्यों?

मामले में अब सवाल पुलिस कार्रवाई की रफ्तार पर भी उठ रहे हैं। अब तक जेल भेजे गए आरोपियों के खिलाफ कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि दूसरे चरण में बैंक कर्मियों और अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। अब सबकी निगाहें ट्रस्ट की छह जुलाई की बैठक पर टिकी हैं।

Location :  Ayodhya

Published :  5 July 2026, 8:13 AM IST