कब्रिस्तान के पास अकेली रहती थी महिला, फिर भूसे की राख से निकलीं जली हड्डियां… जानिए पीलीभीत हत्याकांड की पूरी मिस्ट्री

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक बुजुर्ग महिला की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि दामाद ने सास की हत्या करने के बाद शव को भूसे के ढेर में जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच तेज कर दी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 8 August 2026, 2:09 PM IST

Pilibhit: पीलीभीत जिले के अमरिया थाना क्षेत्र के जिठनिया गांव में 65 वर्षीय महिला मोहनदेई की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। मृतका के बेटे सुरेश की शिकायत पर पुलिस ने दामाद महेंद्रपाल के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने का मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और पूछताछ की जा रही है। परिजनों के अनुसार, मोहनदेई गांव के बाहर कब्रिस्तान के पास बने मकान में अकेली रहती थीं, जबकि उसके परिवार के अन्य सदस्य गांव में अलग-अलग घरों में रहते हैं।

सुरेश का आरोप है कि 31 जुलाई की रात महेंद्रपाल उनकी मां के घर पहुंचा। आरोप है कि वहीं उनकी हत्या कर दी गई और बाद में शव को घर के बाहर पड़े भूसे के ढेर में जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई। घटना के बाद मोहनदेई अचानक लापता हो गईं। परिवार ने उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। करीब छह दिन बाद जब परिजन घर के बाहर पड़े जले हुए भूसे की राख हटा रहे थे, तब वहां से जली हुई हड्डियां और कांच की चूड़ियों के अवशेष मिले। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मामला हत्या में बदल गया।

घरेलू विवाद को माना जा रहा मुख्य कारण

परिजनों का कहना है कि आरोपी महेंद्रपाल शराब के नशे में अपनी पत्नी मीना के साथ अक्सर मारपीट करता था। इससे परेशान होकर मोहनदेई कई बार अपनी बेटी को अपने पास बुला लेती थीं। इसी बात को लेकर दामाद और सास के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। शिकायत में इसी विवाद को हत्या की वजह बताया गया है, लेकिन पुलिस अभी इसे अंतिम कारण नहीं मान रही है।

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जमीन और पुराने विवाद भी जांच के दायरे में

पुलिस केवल पारिवारिक विवाद तक जांच सीमित नहीं रख रही है। अधिकारियों के अनुसार, परिवार के पुराने विवाद, आर्थिक लेन-देन और संपत्ति से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि करीब दो वर्ष पहले परिवार के एक सदस्य की मौत के बाद मिले मुआवजे के बंटवारे को लेकर भी विवाद हुआ था। इसके अलावा मोहनदेई के नाम पर करीब ढाई बीघा जमीन दर्ज थी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं संपत्ति या पैसों का विवाद भी इस घटना से जुड़ा तो नहीं है।

पुलिस के सामने कई सवाल

जांच के दौरान कई ऐसे सवाल सामने आए हैं, जिनके जवाब अभी मिलने बाकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि 31 जुलाई के बाद मोहनदेई दिखाई नहीं दीं, फिर भी उनकी गुमशुदगी की सूचना तुरंत पुलिस को क्यों नहीं दी गई।

इसके अलावा यदि आरोप सही हैं तो शव को भूसे के ढेर तक ले जाना और उसे जलाना आसान नहीं था। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस काम में आरोपी अकेला था या किसी और ने भी उसकी मदद की।

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हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस

सीओ सदर नताशा गोयल ने बताया कि मामले की जांच कई बिंदुओं पर की जा रही है। आरोपी और मृतका के परिजनों से लगातार पूछताछ की जा रही है। साथ ही फोरेंसिक और अन्य साक्ष्यों को भी जुटाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और सभी साक्ष्य सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की गहन जांच कर रही है।

Location :  Pilibhit

Published :  8 August 2026, 2:09 PM IST