Noida Crime: हाथ में दवा की पर्ची, आंखों में उम्मीद… डॉक्टर का इंतजार करते-करते थम गई सांसें

नोएडा के सेक्टर-39 स्थित ज़िला अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर आए 32 वर्षीय एक व्यक्ति की दूसरी मंज़िल पर बेंच पर बैठे-बैठे ही मौत हो गई। घंटों तक न तो अस्पताल के कर्मचारियों को और न ही सुरक्षाकर्मियों को ज़रा भी भनक लगी कि आखिर हुआ क्या है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 16 May 2026, 9:31 AM IST

Noida: एक तरफ़, सरकारी अस्पतालों में बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक सुविधाओं के अक्सर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ़ ज़मीनी हकीकत अक्सर इन दावों की पोल खोल देती है। नोएडा के सेक्टर-39 स्थित ज़िला अस्पताल से सामने आई इसी तरह की एक दुखद घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाज की आस में अस्पताल आए 32 वर्षीय व्यक्ति की दूसरी मंज़िल पर बेंच पर बैठे-बैठे ही मौत हो गई। एक ऐसी बात जिस पर अस्पताल के कर्मचारियों, डॉक्टरों और सुरक्षाकर्मियों में से किसी का भी कई घंटों तक बिल्कुल ध्यान नहीं गया। रात के सन्नाटे में, जब एक सुरक्षाकर्मी की नज़र अचानक उस युवक पर पड़ी, तब जाकर इस बात का पता चला लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

मृतक की पहचान नीरज कुमार (32) पुत्र घनश्याम के रूप में हुई है। रिपोर्टों के अनुसार नीरज 14 मई की रात इलाज के लिए नोएडा ज़िला अस्पताल आया था। उसके हाथ में अस्पताल की एक पर्ची मिली। हालांकि उस पर न तो कोई नाम लिखा था और न ही कोई पता, जिसके चलते शुरुआती दौर में उसकी पहचान करना मुश्किल साबित हुआ। बताया जा रहा है कि वह युवक डॉक्टरी सलाह के लिए अस्पताल आया था और दूसरी मंज़िल पर बनी एक बेंच पर काफ़ी देर तक बैठा रहा।

घंटों तक किसी का ध्यान नहीं गया

अस्पताल परिसर में दिन-रात कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों और मरीज़ों का आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद वह युवक घंटों तक बेंच पर बैठा रहा, और किसी ने भी उसकी बिगड़ती हालत पर ज़रा भी ध्यान नहीं दिया। देर रात लगभग 11:30 बजे जब एक सुरक्षाकर्मी उस जगह पर पहुंचा, तब उसने उस युवक को बेहोशी की हालत में पाया। जानकारी मिलते ही, अस्पताल प्रशासन और पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे; हालाँकि, तब तक उस युवक की मृत्यु हो चुकी थी।

इस घटना से पूरे अस्पताल में भारी हड़कंप मच गया है। अब यह सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो सकती है और यह देखते हुए कि युवक स्पष्ट रूप से बीमार था। उसे समय पर चिकित्सीय सहायता क्यों नहीं मिली।

शुरुआती जांच में हार्ट अटैक की आशंका

जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. अजय राणा के अनुसार, युवक इलाज के लिए अस्पताल आया था, लेकिन उसे औपचारिक रूप से भर्ती नहीं किया गया था। डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती तौर पर यह मामला हार्ट अटैक का लग रहा है। हालांकि, मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा।

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CMS ने आगे बताया कि युवक का अल्ट्रासाउंड किया गया था और उसका इलाज चल रहा था। हालांकि, इस बात की जांच की जा रही है कि इलाज के बाद वह दूसरी मंज़िल तक कैसे पहुंचा, और इतनी देर तक वहां अकेला कैसे बैठा रहा।

पुलिस CCTV फुटेज की जांच कर रही है

घटना की जानकारी मिलते ही, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतक के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। फिलहाल, अस्पताल के डॉक्टरों, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ की जा रही है।

इसके अलावा, अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों के फुटेज की भी गहन जाँच की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि युवक अस्पताल में कब दाखिल हुआ, वह किन-किन जगहों पर गया, और जब उसकी तबीयत बिगड़ी तो उस समय क्या परिस्थितियाँ थीं।

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स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों का कहना है कि अगर अस्पताल में मरीज़ों की निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल अधिक प्रभावी होते, तो शायद उस युवक की जान बचाई जा सकती थी।

Location :  Noida

Published :  16 May 2026, 9:31 AM IST