जी किशन रेड्डी ने अपने पोस्ट के साथ भारतीय दूतावास, वॉशिंगटन का पत्र भी साझा किया, जिसमें साफ कहा गया है कि पार्थिव शरीर को भारत ले जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। दूतावास और भारत सरकार के आपसी समन्वय से यह प्रक्रिया तेज़ी से पूरी हुई। बताया गया कि परिवार के अनुरोध पर मंत्री ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी बात की थी।

निकिता गोदिशाला
New Delhi: अमेरिका की धरती से आई एक दर्दनाक खबर ने भारत में कई घरों की नींद उड़ा दी है। मैरीलैंड राज्य में रहने वाली भारतीय मूल की 27 वर्षीय निकिता गोदिशाला की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह सिर्फ एक मर्डर नहीं, बल्कि भरोसे, रिश्तों और सुरक्षा तंत्र पर बड़ा सवाल है। बीते कुछ दिनों से लापता निकिता का शव मिलने के बाद परिवार सदमे में है, लेकिन अब एक राहत की खबर सामने आई है कि उनका पार्थिव शरीर जल्द भारत लाया जाएगा।
मैरीलैंड में मिला शव, भारत में मातम
निकिता गोदिशाला अमेरिका के एलिकॉट सिटी में रहती थीं और 2 जनवरी को अचानक लापता हो गई थीं। परिजनों ने जब उनसे संपर्क नहीं हो पाया तो चिंता बढ़ गई। स्थानीय पुलिस ने तलाश शुरू की और कुछ समय बाद हावर्ड काउंटी पुलिस को उनका शव कोलंबिया, मैरीलैंड में मिला। शव मिलने की जगह और हालत ने सभी को झकझोर कर रख दिया। पुलिस के मुताबिक निकिता के शरीर पर चाकू से किए गए कई वार के निशान थे, जो एक क्रूर हत्या की ओर इशारा करते हैं।
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पूर्व रूममेट निकला हत्यारा
जांच में सामने आया कि यह हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि निकिता के पूर्व रूममेट 26 वर्षीय अर्जुन शर्मा ने की है। अमेरिकी पुलिस ने अर्जुन शर्मा पर फर्स्ट और सेकंड डिग्री मर्डर के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस का दावा है कि हत्या के बाद अर्जुन अमेरिका से फरार हो गया और उसके भारत भागने की आशंका जताई जा रही है। अमेरिकी एजेंसियों ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है और अब यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर होता जा रहा है।
भारत लाने की प्रक्रिया पूरी
इस बीच परिवार के लिए थोड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने जानकारी दी है कि निकिता गोदिशाला का पार्थिव शरीर 7 या 8 जनवरी तक भारत लाया जा सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। लंबे समय से परिजन इस पल का इंतजार कर रहे थे, ताकि वे अपनी बेटी का अंतिम संस्कार अपने देश में कर सकें।
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भारतीय दूतावास की अहम भूमिका
जी किशन रेड्डी ने अपने पोस्ट के साथ भारतीय दूतावास, वॉशिंगटन का पत्र भी साझा किया, जिसमें साफ कहा गया है कि पार्थिव शरीर को भारत ले जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। दूतावास और भारत सरकार के आपसी समन्वय से यह प्रक्रिया तेज़ी से पूरी हुई। बताया गया कि परिवार के अनुरोध पर मंत्री ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी बात की थी।
न्याय की लड़ाई अभी बाकी
निकिता के परिवार ने अब आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि इंटरनेशनल अरेस्ट वारंट के जरिए आरोपी को पकड़कर कड़ी सजा दिलाई जाए। यह मामला विदेश में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है।