
वीरपाल हत्याकांड में नया मोड़ (Img: Dynamite News)
Mainpuri: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के थाना कुरावली क्षेत्र के जुन्हैसा गांव में हुए वीरपाल हत्याकांड को लेकर अब नया विवाद सामने आया है। मामले में नामजद किए गए लोगों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि चुनावी रंजिश और आपसी विवाद के चलते ग्राम प्रधान के पति बच्चन सिंह समेत कुछ लोगों को साजिश के तहत मुकदमे में फंसाया गया है। परिवार ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
ग्राम प्रधान सियादेवी, जो बच्चन सिंह की पत्नी हैं, ने पुलिस प्रशासन को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के दौरान घटनास्थल, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोगों की मौजूदगी की जानकारी को ध्यान में रखा जाए, ताकि वास्तविकता सामने आ सके।
परिवार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक कुरावली थाने में अपराध संख्या 0348/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि शुरुआती शिकायत में वादी अशवनी ने केवल पवन पुत्र रामचंद्र का नाम लिया था। बाद में बच्चन सिंह और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को भी मामले में नामजद कर दिया गया।
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सियादेवी का दावा है कि घटना वाली रात उनके पति बच्चन सिंह घर पर ही मौजूद थे और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में थे। वहीं, उनके देवर कमल सिंह के दिल्ली में होने की बात कही गई है। परिवार का आरोप है कि इन तथ्यों के बावजूद उन्हें हत्याकांड से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि आगामी ग्राम प्रधान चुनाव और सरकारी भूमि पर कब्जे को लेकर चली आ रही रंजिश के कारण यह विवाद बढ़ा है। उनके मुताबिक अभय प्रताप उर्फ छोटू, सतीश, रामानंद और मृतक के भाई रामनिवास पर बेगुनाह लोगों को मामले में फंसाने की साजिश का आरोप है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
परिवार की ओर से एक अन्य दावा मृतक वीरपाल और उनके बड़े बेटे अशवनी के बीच चल रहे पुराने विवाद को लेकर किया गया है। परिजनों के मुताबिक दोनों के बीच पैतृक जमीन और जमीन बेचने से मिले करीब 45 से 50 लाख रुपये को लेकर लंबे समय से पारिवारिक कलह थी।
नामजद लोगों के परिजनों का कहना है कि परिवार में पहले भी विवाद इतना बढ़ चुका था कि गृह-क्लेश के चलते जहर खाकर आत्महत्या के प्रयास जैसी घटनाएं सामने आई थीं। परिवार का दावा है कि इन पुराने विवादों की भी जांच में पड़ताल की जानी चाहिए, जिससे घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आ सके।
सियादेवी ने आरोप लगाया कि खुद को बचाने के लिए जल्दबाजी में मुकदमा दर्ज कराया गया और बाद में अन्य लोगों के नाम जोड़े गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए। परिवार का कहना है कि जांच के बाद यदि नामजद लोगों की घटना में संलिप्तता नहीं मिलती है तो निर्दोष लोगों को न्याय मिलना चाहिए।
वीरपाल हत्याकांड में सामने आए इन आरोपों के बाद पुलिस जांच की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। एक ओर नामजद पक्ष के परिजन इसे साजिश बता रहे हैं, वहीं मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। अब पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर है।
Location : Mainpuri
Published : 3 September 2026, 4:56 PM IST