ओमान से भारत पहुंचा महादेव सट्टा कांड का आरोपी, पुलिस ने कोर्ट में किया पेश; आखिर कौन है सौरभ चंद्राकर?

महादेव सट्टा ऐप मामले में लंबे समय से विदेश में रह रहे सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। ओमान से भारत लाए गए सौरभ को अब रायपुर ले जाने की तैयारी है। इस मामले में कई बड़े आरोप और करोड़ों के लेन-देन की जांच पहले से चल रही है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 November 2026, 12:59 PM IST

New Delhi: महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। इस नेटवर्क के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को CBI ने ओमान से गिरफ्तार कर भारत लाया है। लंबे समय से विदेश में रह रहे सौरभ की वापसी को इस मामले की जांच में अहम कदम माना जा रहा है। अब दिल्ली में अदालत के सामने पेशी के बाद उसे रायपुर लाया जा सकता है। जांच एजेंसियों की पूछताछ में नेटवर्क से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल, महादेव ऐप बेटिंग मामले में आरोपी सौरभ चंद्राकर को पुलिस राउज एवेन्यू कोर्ट लेकर पहुंची है।

116 दिन बाद ओमान से भारत पहुंचा सौरभ

CBI के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क की जांच शुरू होने के बाद से सौरभ चंद्राकर फरार था। वह साल 2023 से दुबई में रह रहा था और उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। जांच एजेंसियों को जानकारी मिली कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने कथित तौर पर फर्जी पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल किया और UAE से ओमान पहुंच गया।

खुफिया जानकारी और इंटरपोल नोटिस के आधार पर 8 जुलाई 2026 को ओमान की रॉयल पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद भारत सरकार ने उसके प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक प्रक्रिया शुरू की। CBI और ED ने ओमान के अधिकारियों को मामले से जुड़े सबूत सौंपे। इंटरपोल, भारतीय एजेंसियों और ओमान के अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद प्रत्यर्पण को मंजूरी मिली। CBI की टीम मस्कट पहुंची और 1 नवंबर को सौरभ को भारत लेकर आई।

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दिल्ली कोर्ट के बाद रायपुर पहुंच सकता है आरोपी

भारत आने के बाद CBI पहले सौरभ चंद्राकर को दिल्ली की अदालत में पेश करेगी। यहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे रायपुर लाया जा सकता है, जहां स्पेशल CBI कोर्ट में पेशी होगी। CBI के अनुसार, भारत पहुंचने के बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उसे रायपुर ले जाने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

सौरभ के खिलाफ CBI दो मामलों में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वहीं ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में भी उसके खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है। आगे की पूछताछ में दोनों एजेंसियां अपने-अपने मामलों से जुड़े सवाल कर सकती हैं।

कभी जूस की दुकान पर करता था काम

ED की जांच के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। उसके परिवार का पहले जूस की दुकान का कारोबार था, जिसका नाम 'जूस फैक्ट्री' बताया गया है। जांच में सामने आए बयानों के अनुसार, सौरभ भी दुकान पर काम करता था और उसे करीब 15 हजार रुपये महीने मिलते थे। दिसंबर 2020 तक वह छोटे स्तर पर सट्टेबाजी से जुड़ा था। इसके बाद महादेव ऑनलाइन बुक का कारोबार तेजी से बढ़ने लगा।

ED का आरोप है कि सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने मिलकर इस नेटवर्क को खड़ा किया और बाद में दुबई से इसका संचालन करने लगे।

देशभर में फैला था ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क

CBI की जांच में महादेव ऑनलाइन बुक को देश के बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में शामिल बताया गया है। इसके जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, ताश और दूसरे खेलों पर ऑनलाइन दांव लगाए जाते थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक, नेटवर्क को फ्रेंचाइजी की तरह पैनल और ब्रांच के जरिए चलाया जाता था। अलग-अलग जगहों पर लोगों को सट्टेबाजी से जोड़कर पैसे जमा कराए जाते थे।

CBI का आरोप है कि सट्टेबाजी से मिलने वाली रकम कई बैंक खातों के जरिए घुमाई जाती थी और हवाला के माध्यम से विदेश भेजी जाती थी। नेटवर्क को बिना रुकावट चलाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत देने के आरोप भी जांच में सामने आए हैं।

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सौरभ ने सुरक्षा को लेकर जताई थी चिंता

ओमान में हिरासत के दौरान सौरभ चंद्राकर ने भारत की जेल में अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताई थी। उसने अपने परिवार की सुरक्षा की मांग भी की थी। सौरभ का दावा था कि नेटवर्क से जुड़े प्रभावशाली लोग उसे और उसके परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उसने जांच एजेंसियों और अदालत के सामने बिना दबाव के अपना पक्ष रखने का मौका मांगा था।

अब किन सवालों के जवाब तलाशेंगी एजेंसियां?

छत्तीसगढ़ सरकार ने महादेव सट्टा मामले से जुड़ी 13 FIR जांच के लिए CBI को सौंपी थीं। ED भी इस मामले में भारत और विदेश में कई संपत्तियां अटैच कर चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी पर CBI को बधाई देते हुए कहा कि प्रोटेक्शन मनी किन-किन लोगों तक पहुंचती थी, इसका बड़ा खुलासा होगा।

Location :  New Delhi

Published :  2 November 2026, 12:59 PM IST