
एक शिकायत ने बिछा दिया पूरा जाल (Source: Pinterest )
Jaunpur: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। हाल के महीनों में कई सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जा चुके हैं। अब Jaunpur Kanungo Bribe Case ने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शाहगंज तहसील में तैनात चकबंदी कानूनगो अनिल कुमार को विजिलेंस की टीम ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता मान सिंह ने शाहगंज स्थित चकबंदी अधिकारी कार्यालय में एक आपत्ति दाखिल की थी। आरोप है कि इस आपत्ति पर रिपोर्ट लगाने के बदले कानूनगो अनिल कुमार ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
मान सिंह ने सीधे रिश्वत देने के बजाय सतर्कता अधिष्ठान, वाराणसी सेक्टर से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने पूरे मामले की गोपनीय जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर विजिलेंस टीम ने ट्रैप की योजना बनाई।
Jaunpur Kanungo Bribe Case में तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम लेकर कानूनगो के पास पहुंचा। जैसे ही अनिल कुमार ने 10 हजार रुपये लिए, पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
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एसपी विजिलेंस वाराणसी यूनिट घनश्याम चौरसिया ने बताया कि आरोपी कानूनगो के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान, वाराणसी सेक्टर थाने में भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। अब मामले की आगे की जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विजिलेंस विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो इसकी सूचना तुरंत रिश्वत विरोधी हेल्पलाइन या सतर्कता विभाग को दें। अधिकारियों का कहना है कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और सत्यापन के बाद सख्त कार्रवाई की जाती है।
Location : Jaunpur
Published : 25 July 2026, 1:37 PM IST