
सासनी में छापेमारी, ट्रैक्टर-ट्रॉली में मिले 181 बोरे (Source: Dynamite News)
Hathras: त्योहारों के बीच हाथरस से सरकारी राशन की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आया है। सासनी में प्रशासन की छापेमारी के दौरान सरकारी मार्का लगे चावल के 181 बोरे बरामद किए गए। चावल से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली मिलने के बाद पूर्ति विभाग ने मामले की जांच शुरू कराई। पुलिस ने ठेकेदार समेत चार नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अब सवाल यह है कि सरकारी चावल कहां से आया और इसे कहां पहुंचाया जाना था?
पूर्ति निरीक्षक रवेंद्र कुमार की तहरीर के अनुसार मंगलवार शाम करीब सात बजे एसडीएम सासनी शिवप्रकाश यादव को सूचना मिली कि भाविनी धर्मकांटा के पास सरकारी राशन के चावल की कथित कालाबाजारी की तैयारी की जा रही है। सूचना पर एसडीएम और जिला पूर्ति अधिकारी की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान चावल से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली मिली, जिसमें सरकारी मार्का लगे जूट के 181 बोरे रखे थे। बोरों के मुंह सरकारी सिलाई से बंद थे।
पूछताछ में गांव सठिया निवासी मनोज कुमार ने बताया कि सासनी क्षेत्र में उचित दर की दुकानों तक सरकारी राशन पहुंचाने का ठेका बरेली निवासी सुनील गुप्ता के पास है। उनके प्रतिनिधि के रूप में हाथरस निवासी तरुण शर्मा काम करते हैं। मनोज के मुताबिक, उसे 12 हजार रुपये प्रतिमाह के वेतन पर सहायक रखा गया था।
मनोज ने बताया कि मंगलवार शाम करीब पांच बजे कोटेदारों की दुकानों तक पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली में चावल लादा गया था। पूर्ति निरीक्षक के अनुसार, तरुण शर्मा को पूछताछ के लिए मौके पर बुलाया गया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। चावल की वास्तविक आपूर्ति और परिवहन से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस ने सुनील गुप्ता निवासी बरेली, तरुण शर्मा और जय शर्मा निवासी हाथरस तथा मनोज कुमार निवासी सठिया के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलावा ट्रैक्टर के अज्ञात स्वामी को भी मामले में शामिल किया गया है। बरामद चावल को राशन विक्रेता की सुपुर्दगी में दिया गया है।
शुरुआती जानकारी में ट्रॉली से करीब 200 बोरे पकड़े जाने की बात सामने आई थी, जबकि पूर्ति निरीक्षक की तहरीर में बरामदगी की संख्या 181 बताई गई है। एसडीएम शिवप्रकाश यादव के मुताबिक, मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि चावल किस आपूर्ति केंद्र या दुकान से संबंधित था और उसे कहां पहुंचाया जाना था।
फिलहाल, मामले में सरकारी चावल की कथित कालाबाजारी की जांच जारी है। अभी तक उपलब्ध जानकारी में चावल के मिलावटी या नकली होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस मामले को नकली चावल का मामला कहना सही नहीं होगा। जांच के बाद ही चावल की आपूर्ति और कथित अनियमितता से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Location : Hathras
Published : 15 October 2026, 12:29 PM IST