‘अगर आस्था पहचानने की मशीन है तो चंदा लौटा दें…’ राम मंदिर चंदा विवाद पर किसने दिया सतीश महाना को लेकर ऐसा बयान?

राम मंदिर चंदा विवाद पर सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि यदि आस्था पहचानने की कोई मशीन है तो चंदा वापस कर दें। उनके बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 19 July 2026, 9:02 AM IST

Lucknow: राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बयान पर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुजफ्फरनगर से सांसद हरेंद्र मलिक ने रविवार को इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सतीश महाना जैसे वरिष्ठ और सम्मानित नेता से ऐसी टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि या तो यह बयान मजाक में दिया गया है या फिर किसी दबाव में।

हरेंद्र मलिक का यह बयान सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। उनके बयान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

'सतीश महाना सम्मानित नेता हैं, लेकिन यह बात छिछोरी कर दी'

हरेंद्र मलिक ने कहा कि सतीश महाना उत्तर प्रदेश विधानसभा के सम्मानित अध्यक्ष और एक परिपक्व राजनेता हैं। वह आमतौर पर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करते, लेकिन इस बार उन्होंने "छिछोरी बात" कर दी।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और वहां श्रद्धा के साथ लोग दर्शन करने जाते हैं। ऐसे में यह तय करना संभव नहीं है कि कौन श्रद्धा से आया है और कौन नहीं।

'अगर ऐसी मशीन है तो चंदा वापस कर दें'

सपा सांसद ने तंज कसते हुए कहा कि यदि किसी के पास ऐसी कोई "डिटेक्शन मशीन" है, जिससे यह पता चल सके कि किसकी आस्था सच्ची है और किसकी नहीं, तो फिर उसी आधार पर चंदे को अलग कर संबंधित लोगों को वापस कर देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर आस्था की जांच ही करनी है तो पहले मंदिर में प्रवेश से पहले यह तय कर लिया जाए कि कौन अंदर जाएगा और कौन नहीं। ऐसा नहीं होने पर इस तरह के बयान केवल भ्रम और विवाद को बढ़ावा देंगे।

'चढ़ावे की चोरी के आरोप से देश की छवि प्रभावित'

हरेंद्र मलिक ने कहा कि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के आरोपों की चर्चा देश ही नहीं, दुनिया भर में हो रही है। उन्होंने कहा कि जब इस तरह की बातें सामने आती हैं तो भारत और भारतीय समाज की छवि पर भी असर पड़ता है।

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर चढ़ावे में गड़बड़ी हुई है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर में श्रद्धा से चढ़ावा देने वाले लोगों की आस्था पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।

13 साल की मासूम से दरिंदगी… भाग रहा था आरोपी, पुलिस ने घेरा तो शुरू कर दी फायरिंग, फिर जो हुआ…

सियासत तेज होने के संकेत

हरेंद्र मलिक के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है।

Location :  Lucknow

Published :  19 July 2026, 9:02 AM IST