सरकार की नाक के नीचे चल रहा था ‘भूतिया’ अस्पताल! जब खुली खिड़की तो अंदर का नजारा देख उड़े होश

देवरिया के महुआ बारी स्थित राजकीय आयुर्वेदिक केंद्र में डॉक्टरों की कमी और भारी अव्यवस्था का मामला सामने आया है। यह केंद्र सिर्फ फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय के भरोसे चल रहा है। अस्पताल परिसर में भूमाफियाओं का कब्जा है, जहाँ भूसा-गोबर भरा पड़ा है। बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं न होने से स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 June 2026, 9:28 AM IST

Deoria: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, लेकिन देवरिया जनपद का एक राजकीय आयुर्वेदिक केंद्र दावों की पोल खोल रहा है। विकासखंड रामपुर कारखाना के महुआ बारी स्थित यह केंद्र पिछले एक साल से बिना किसी डॉक्टर के, सिर्फ एक फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय के भरोसे रामभरोसे चल रहा है। यहाँ आने वाले गरीब मरीजों का इलाज और परामर्श खुद फार्मासिस्ट द्वारा ही दिया जा रहा है, जो कि नियमों के सख्त खिलाफ है।

अधिकारियों की शह पर खिलवाड़

पूछताछ में केंद्र पर तैनात फार्मासिस्ट ने बताया कि जिला स्तर के बड़े अधिकारी (डी.ओ.) के निर्देश पर ही वे खुद मरीजों को आयुर्वेदिक पद्धति से दवा और परामर्श दे रहे हैं। हद तो तब हो गई जब फार्मासिस्ट अपने ब्लॉक और कार्यभार संभालने के समय को लेकर स्पष्ट जवाब तक नहीं दे पाया। वहीं, साल 2019 से तैनात वार्ड बॉय ने बताया कि अधिकारी उसे जमीन तलाशने का काम सौंप रहे हैं ताकि नया भवन बन सके।

स्वच्छ भारत मिशन को लगा पलीता

एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत मिशन का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं इस सरकारी अस्पताल के परिसर में कदम रखते ही सड़े-गले भूसे और गोबर की भयंकर दुर्गंध आती है। इस भीषण गर्मी में यहाँ न तो बिजली की व्यवस्था है, न पंखे की और न ही पीने के साफ पानी की। मरीजों और कर्मचारियों के लिए शौचालय तक नसीब नहीं है। क्षेत्र के कमजोर तबके के लोग इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आज तक इस केंद्र की सुध नहीं ली।

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भूमाफियाओं का कब्जा, खंडहर बनता भवन

हैरानी की बात यह है कि इस सरकारी भवन पर भूमाफियाओं ने अवैध कब्जा कर रखा है और इसे भूसा व घास रखने का अड्डा बना दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहाँ डॉक्टरों की उपस्थिति शून्य है। करोड़ों की लागत से बने संसाधन अब खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। जनता अब जिला प्रशासन से मांग कर रही है कि इस घोर लापरवाही की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पर क्या एक्शन लेता है या अस्पताल ऐसे ही तबेला बना रहेगा।

Location :  Deoria

Published :  23 June 2026, 9:28 AM IST