पहले लोहगढ़ की रेकी, फिर ChatGPT पर सवाल; केतन मर्डर केस में 1801 चैट रिकवर, चार्जशीट में चौंकाने वाले खुलासे

पुणे के लोहगढ़ किले में केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस की 5,053 पन्नों की चार्जशीट से कथित साजिश के कई डिजिटल राज सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल ने केतन की मौत से पहले और बाद में ChatGPT और इंटरनेट पर कई तरह की जानकारियां सर्च की थीं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 4 October 2026, 12:53 PM IST

Pune: लोहगढ़ किले की ऊंची चट्टान से केतन अग्रवाल के घाटी में गिरने की कहानी शुरू में हादसा लगी थी, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को एक कथित साजिश की परतें खुलती चली गईं। अब पुणे ग्रामीण पुलिस की 5,053 पन्नों की चार्जशीट ने इस मामले में डिजिटल सबूतों की पूरी कड़ी सामने रखी है। पुलिस के मुताबिक, केतन की मंगेतर सिया गोयल, उसके कथित साथी चेतन चौधरी और रितेश हांगे ने हत्या की साजिश रची थी। चार्जशीट में मोबाइल डेटा, डिलीट की गई चैट, सोशल मीडिया गतिविधियों, सर्च हिस्ट्री, तस्वीरों, कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं।

लोहगढ़ जाने से पहले ही शुरू हो गई थी कथित तैयारी

पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, लोहगढ़ का नाम अचानक इस मामले में नहीं आया था। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि सिया ने केतन के साथ वहां पहले भी समय बिताया था। पुलिस के अनुसार, 31 मई को वह केतन को लोहगढ़ लेकर गई थी। इस दौरान बांध और आसपास के प्राकृतिक नजारों को देखने के बहाने उसे चट्टान के किनारे ले जाया गया और उसकी तस्वीरें भी ली गईं।

ChatGPT पर क्या खोज रही थी सिया?

इस केस में डिजिटल जांच का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा ChatGPT से जुड़ी कथित सर्च है। पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, सिया ने केतन की मां के साथ विवाद के बाद माफी मांगने और पति का गुस्सा शांत करने जैसे सवालों पर ChatGPT से मदद मांगी थी। जांचकर्ताओं के अनुसार, केतन की मौत के बाद दुख कैसे व्यक्त किया जाए और संवेदना कैसे जताई जाए, इससे जुड़ी ऑनलाइन गतिविधियां भी सामने आईं। पुलिस का कहना है कि इन सर्च को उसने दूसरे डिजिटल सबूतों और गवाहों के बयानों के साथ जोड़कर देखा है।

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डिलीट चैट भी पुलिस ने कर ली रिकवर

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को कब्जे में लेकर उनकी फॉरेंसिक जांच कराई। चार्जशीट के मुताबिक, आरोपियों की ओर से कुछ डिजिटल सामग्री और चैट डिलीट करने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने फॉरेंसिक तकनीक की मदद से डिलीट डेटा को रिकवर किया। चार्जशीट में व्हाट्सऐप चैट, मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और तकनीकी विश्लेषण से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।

गूगल, इंस्टाग्राम और दूसरे ऐप्स की हिस्ट्री भी खंगाली

पुलिस की जांच सिर्फ व्हाट्सऐप तक सीमित नहीं रही। चार्जशीट में अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हुई गतिविधियों की जांच का जिक्र है। रिपोर्टों के अनुसार, सर्च हिस्ट्री में हत्या के मामलों, लोहगढ़ से जुड़ी पिछली घटनाओं और पुलिस से बचने के तरीकों से संबंधित जानकारियां भी सामने आईं। पुलिस ने आरोपियों द्वारा कथित तौर पर देखी गई फिल्मों और सुने गए पॉडकास्ट की भी जांच की।

मेघालय के राजा रघुवंशी केस की भी जानकारी खोजी

जांच में पुलिस को कथित तौर पर ऐसे ऑनलाइन सर्च भी मिले, जिनमें पहले हुई चर्चित हत्याओं के बारे में जानकारी जुटाई गई थी। इनमें राजा रघुवंशी हत्याकांड और लोहगढ़ में 2025 में हुई एक पर्यटक की मौत से जुड़ी जानकारी शामिल होने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक चार्जशीट में लोहगढ़ की पिछली घटना और सोनम रघुवंशी मामले से संबंधित ऑनलाइन खोजों का भी उल्लेख है।

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पर्यटकों के कैमरे ने भी दर्ज कर दी पूरी कहानी

पुलिस ने इस मामले में आसपास मौजूद लोगों के मोबाइल कैमरों और वीडियो फुटेज को भी खंगाला। जांचकर्ताओं ने हजारों वीडियो और तस्वीरों की जांच की। इसी दौरान कुछ पर्यटकों की तस्वीरों में आरोपी कथित तौर पर नजर आए। रिपोर्ट के मुताबिक, 18 जून को लोहगढ़ घूमने आए पर्यटकों द्वारा खींची गई तस्वीरों में आरोपी घटना स्थल के आसपास दिखाई दिए। पुलिस ने इन तस्वीरों को दूसरे साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के साथ जांच का हिस्सा बनाया है।

जन्मदिन के पहले चली गई केतन की जान

इस पूरे मामले का एक भावनात्मक पहलू भी चार्जशीट और उससे जुड़ी रिपोर्टों में सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, केतन सिया के जन्मदिन को खास बनाने की तैयारी कर रहा था। 19 जून को जन्मदिन मनाने के लिए महाबलेश्वर में होटल बुकिंग की गई थी और कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी। रिपोर्टों के अनुसार, केतन ने जन्मदिन के लिए बड़ा आयोजन प्लान किया था।

चार्जशीट में डिजिटल सबूतों की लंबी कड़ी

पुणे ग्रामीण पुलिस की चार्जशीट में आरोपियों के खिलाफ हत्या, कथित आपराधिक साजिश और आईटी कानून से जुड़े आरोपों का आधार बताया गया है। पुलिस ने डिजिटल सबूतों के अलावा गवाहों के बयान, सीसीटीवी फुटेज, तस्वीरें, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और फॉरेंसिक विश्लेषण को भी केस का हिस्सा बनाया है। हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित होना बाकी हैं। आरोपियों की दोषसिद्धि का फैसला न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और सुनवाई के बाद ही होगा। फिलहाल 5,053 पन्नों की यह चार्जशीट यह जरूर बताती है कि पुलिस ने इस मामले की जांच में डिजिटल दुनिया के छोटे से छोटे निशान को भी खंगालने की कोशिश की है।

Location :  Pune

Published :  4 October 2026, 12:53 PM IST