
विजय माल्या ने कहा- मैं भगोड़ा नहीं(Source: Pinterest)
New Delhi: भारतीय बैंकों के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज मामले में लंबे समय से विदेश में रह रहे कारोबारी विजय माल्या ने खुद को ‘भगोड़ा’ कहे जाने पर आपत्ति जताई है। माल्या का दावा है कि वह अपनी इच्छा से ब्रिटेन में नहीं रुके हैं, बल्कि वहां की अदालतों से जुड़े कानूनी प्रतिबंधों के कारण उनके लिए यूके छोड़ना संभव नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए भारत सरकार पर भी उनके साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है।
विजय माल्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी। उनका कहना है कि उन्हें ब्रिटेन और वेल्स की अदालतों के आदेशों का पालन करना पड़ रहा है। इसी वजह से वह ब्रिटेन से बाहर यात्रा नहीं कर सकते। माल्या ने यह भी कहा कि उनकी स्थिति को जानबूझकर देश से भागने के तौर पर देखना सही नहीं है।
माल्या ने अपनी सफाई में भारतीय पासपोर्ट रद्द किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उनका तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए जरूरी वैध दस्तावेज उनके पास उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में भारत लौटने को लेकर उनकी स्थिति सामान्य यात्रा करने वाले व्यक्ति जैसी नहीं है।
विजय माल्या ने बताया कि वह वर्ष 1992 से ही यूके के स्थायी निवासी हैं। उन्होंने ‘भगोड़ा’ कहे जाने से इनकार करते हुए कहा कि उनकी मौजूदा स्थिति ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रियाओं का परिणाम है। उनका कहना है कि वह कानूनी आदेशों के दायरे में रहकर ही अपनी स्थिति का सामना कर रहे हैं।
विजय माल्या की बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस पर भारतीय बैंकों के एक कंसोर्टियम का 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज बकाया होने का मामला है। उन पर कर्ज चुकाने में डिफॉल्ट और धोखाधड़ी से जुड़े आरोप हैं। भारत सरकार ने उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है।
भगोड़े शराब कारोबारी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में टली सुनवाई
इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट में माल्या की ओर से उनके वकील अमित देसाई ने भी ब्रिटेन की अदालतों के आदेशों का हवाला दिया था। दलील दी गई थी कि यूके में लगे प्रतिबंधों के चलते माल्या के भारत लौटने की कोई निश्चित तारीख बताना संभव नहीं है।
हालांकि, बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि जब तक विजय माल्या खुद भारत आकर अदालत के समक्ष पेश नहीं होते, तब तक कानून को चुनौती देने वाली उनकी याचिकाओं पर सुनवाई नहीं की जाएगी। ऐसे में माल्या की ओर से भारत वापसी को लेकर दिया गया कानूनी तर्क एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
Location : New Delhi
Published : 9 September 2026, 9:52 AM IST