कौन हैं IPS संदीप सिंह गिल जिन्होंने सुलझाई लोहागढ़ किले की मर्डर मिस्ट्री? कभी कॉलेज में थे अंग्रेजी के प्रोफेसर

पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस को सुलझाने वाले IPS संदीप सिंह गिल सुर्खियों में हैं। चंडीगढ़ के कॉलेज में अंग्रेजी के प्रोफेसर रहे संदीप सिंह ने यूपीएससी में 143वीं रैंक हासिल की थी। उनके नेतृत्व में पुलिस ने लोहागढ़ किला मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश किया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 27 June 2026, 1:16 PM IST

Mumbai: पुणे के सनसनीखेज केतन अग्रवाल मर्डर केस ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की खूनी साजिश का सच अब सबके सामने आ चुका है और मुख्य आरोपी सिया ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इस बेहद पेचीदा और हाई-प्रोफाइल मामले को सुलझाने के लिए पुणे ग्रामीण पुलिस की चौतरफा तारीफ हो रही है।

खासकर, इस ऑपरेशन का नेतृत्व करने वाले पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (SP) और वर्ष 2016 बैच के महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस (IPS) अधिकारी संदीप सिंह गिल इस समय जबरदस्त सुर्खियों में हैं। एक ब्लाइंड मर्डर केस को महज कुछ ही दिनों में सुलझाकर उन्होंने अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाया है।

पंजाब से चंडीगढ़ और फिर 'खाकी' का सफर

आईपीएस संदीप सिंह गिल मूलरूप से पंजाब के लुधियाना जिले के रहने वाले हैं। उनका बचपन खन्ना शहर में बीता, जहाँ से उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा हासिल की। इसके बाद उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से अंग्रेजी साहित्य (M.A. English) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया।

संदीप सिंह गिल ने साल 2015 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश भर में 143वीं रैंक हासिल की थी। पिछले साल मई में सरकार ने उन्हें पुणे ग्रामीण पुलिस के एसपी की कमान सौंपी थी। इससे पहले वह पुणे सिटी में जोन-1 के डीसीपी रह चुके हैं, जहाँ गणेश मंडल सुरक्षा व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की उनकी रणनीतियों को काफी सराहा गया था।

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कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर थे संदीप

संदीप सिंह गिल के आईपीएस बनने की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा को पास करने से पहले वह चंडीगढ़ के एजीजीएस (AGGS) कॉलेज में अंग्रेजी के असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में बच्चों को पढ़ाते थे। हालांकि, प्रोफेसर की यह नौकरी उनका केवल 'प्लान-बी' (सुरक्षित करियर विकल्प) थी, क्योंकि उनका मुख्य लक्ष्य हमेशा से यूपीएससी क्रैक कर खाकी वर्दी पहनना ही था।

सिविल सेवा परीक्षा के शुरुआती प्रयासों में असफल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। प्रोफेसर की नौकरी की जिम्मेदारी निभाते हुए भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और मुख्य परीक्षा (Mains) में अंग्रेजी साहित्य विषय के साथ डटे रहे।

यूपीएससी के 'स्पेशल चांस' में चमकी किस्मत

संदीप सिंह गिल की सफलता का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि साल 2015 में यूपीएससी ने सीसैट (CSAT) विवाद के चलते साल 2011 के अभ्यर्थियों को एक 'स्पेशल चांस' (विशेष अवसर) दिया था। संदीप ने इस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर बेहतरीन रैंक के साथ परीक्षा पास कर डाली।

एक और खास बात यह है कि पंजाबी भाषी होने के बावजूद वे आज बेहद शानदार मराठी बोलते हैं। महाराष्ट्र में अपनी पोस्टिंग के दौरान उन्होंने भाषा सीखने के लिए अपने स्टाफ को सख्त निर्देश दिए थे कि वे उनसे सिर्फ मराठी में ही संवाद करें। इसी निरंतर अभ्यास का नतीजा है कि आज वह स्थानीय भाषा पर मजबूत पकड़ रखते हैं।

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खुद लोहागढ़ किला पहुंचकर खोला मर्डर मिस्ट्री का राज

आईपीएस संदीप सिंह गिल को महकमे में एक बेहद अनुशासित, फिट और तेजतर्रार अधिकारी माना जाता है। केतन अग्रवाल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी गिल खुद फॉरेंसिक टीम और लोकल क्राइम ब्रांच के साथ घटनास्थल (लोहागढ़ किला) की पहाड़ियों पर पहुंचे थे।

उन्होंने स्वयं बारीकी से निरीक्षण कर स्पॉट पंचनामा पूरा कराया। केस का पर्दाफाश करते हुए एसपी गिल ने कहा, "केतन अग्रवाल की मौत कोई ट्रेकिंग हादसा नहीं, बल्कि उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी द्वारा रची गई एक खूनी और सुनियोजित हत्या थी। केतन को ट्रेकिंग का शौक था और आरोपियों ने इसी का फायदा उठाकर उन्हें रास्ते से हटाने का क्रूर प्लान बनाया।"

Location :  Mumbai

Published :  27 June 2026, 1:16 PM IST