
झांसी की रानी से कम नहीं IPS अनु बेनीवाल (Img- X)
Bhopal: मध्य प्रदेश कैडर की 2022 बैच की आईपीएस अधिकारी अनु बेनीवाल इन दिनों प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। कटनी की सीएसपी नेहा पच्चीसिया के खिलाफ लगे संगीन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर उन्होंने अपनी कड़क कार्यशैली का लोहा मनवाया है।
हालांकि, खाकी वर्दी तक पहुंचने का उनका यह सफर आसान नहीं था। दिल्ली के पीतमपुरा के एक सामान्य परिवार में जन्मीं अनु के पिता की बीमारी के कारण दुकान बंद हो गई थी। ऐसे कठिन समय में उनकी मां ने कपड़े सिलकर परिवार को संभाला और बच्चों की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी।
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद अनु ने नैनोसाइंस रिसर्च में भी काम किया। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का फैसला किया।
यूपीएससी की कठिन राह में उन्हें शुरुआती तीन प्रयासों में निराशा और असंतोषजनक रैंक मिली। लेकिन हार न मानते हुए, अपने चौथे प्रयास (2022) में उन्होंने ऑल इंडिया 217वीं रैंक हासिल कर आईपीएस का पद हासिल किया।
हाल ही में जब कटनी सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर गंभीर आरोप लगे, तो जांच की कमान अनु बेनीवाल को सौंपी गई। उन्होंने हर तथ्य की बारीकी से पड़ताल की और एक निष्पक्ष जांच रिपोर्ट तैयार की। इस रिपोर्ट के आधार पर मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर सीएसपी नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर दिया गया।
अनु बेनीवाल के पति डॉ. आयुष जाखड़ भी 2022 बैच के एमपी कैडर के आईपीएस अफसर हैं। एमबीबीएस की पढ़ाई कर चुके डॉ. आयुष भी अपनी सख्त छवि के लिए जाने जाते हैं। शिवपुरी में पदस्थापना के दौरान बीजेपी विधायक के बेटे के मामले में निडरता से कार्रवाई करने के बाद वे सुर्खियों में आए थे। नियमों के प्रति अपनी अडिग निष्ठा के चलते यह आईपीएस दंपत्ति मध्य प्रदेश में अपराधियों और कानून तोड़ने वालों के लिए खौफ का दूसरा नाम बन चुका है।
Location : New Delhi
Published : 23 August 2026, 12:44 PM IST