
लेडी अफसर शैलजा दास (Img- Instagram)
Patna: पटना की जलती सड़कों पर नीट (NEET) अभ्यर्थियों का भारी विरोध-प्रदर्शन चल रहा था। गुस्साए छात्रों और भारी पुलिस बल के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो चुकी थी। ऐसे में माइक हाथ में लिए एक युवा आईपीएस अफसर ने अपने जवानों को सख्त हिदायत दी "फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन है। जिसको जो बोलना है, बोलने दो।
जब तक वे हम पर बल प्रयोग न करें, हम उन पर बल प्रयोग नहीं करेंगे।" अधिकारी के इस एक वाक्य ने माहौल का तनाव मिनटों में शांत कर दिया और इस संवेदनशील सोच ने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया।
लाठी-डंडे की जगह संवाद और संयम का रास्ता चुनने वाली यह अधिकारी हैं 2022 बैच की बिहार कैडर आईपीएस शैलजा दास। सहरसा के कायस्थ टोला में 7 नवंबर 1997 को जन्मीं शैलजा 'Gen Z' पीढ़ी से आती हैं। उनके पिता डॉ. अजय दास पेशे से चिकित्सक हैं।
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शुरुआती पढ़ाई सहरसा से करने के बाद शैलजा ने दिल्ली के डीपीएस आर. के. पुरम से 12वीं में 96.8% अंक हासिल किए और फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफेंस कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया।
शैलजा की लगन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के अपने पहले ही प्रयास में इंटरव्यू तक का सफर तय कर लिया था। इसके बाद 2021 की परीक्षा में महज 23 साल की उम्र में ऑल इंडिया 83वीं रैंक हासिल कर उन्होंने अपना सपना पूरा किया। उन्हें अपना गृह राज्य बिहार कैडर ही मिला।
ट्रेनी आईपीएस के रूप में वैशाली के लालगंज थाने का प्रभार संभालने से लेकर नालंदा के हिलसा में एसडीपीओ (SDPO) रहने तक, शैलजा ने हर जगह अपनी सख्त छवि और संवेदनशील प्रशासन का संतुलन बनाकर रखा।
वर्तमान में वे पटना (पूर्वी) की सिटी SP का पद संभाल रही हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने की उनकी यह शैली आज की नई पीढ़ी के अफसरों के लिए एक नजीर बन चुकी है।
Location : Patna
Published : 30 July 2026, 4:04 PM IST