
नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी
Patna: बिहार विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुका है और एनडीए गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिल गया है। इसके बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया अत्यधिक तेजी से आगे बढ़ रही है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री पद को लेकर स्थिति साफ है, नीतीश कुमार फिर से सत्ता संभालेंगे। वहीं दूसरी ओर नई कैबिनेट के स्वरूप को लेकर अंदरखाने चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बहुमत मिलने के बाद एनडीए की सभी सहयोगी पार्टियों बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी (रामविलास), HAM और RLM के शीर्ष नेताओं के बीच बैठकें लगातार हो रही हैं। सभी दलों का कहना है कि सरकार गठन को लेकर लगभग सभी मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और अब सिर्फ अंतिम रूप देने की प्रक्रिया बाकी है। नेताओं का दावा है कि एक से दो दिनों में सरकार गठन की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। अगले 48 घंटों में मंत्रिमंडल का आकार, मंत्री संख्या और विभागों का बंटवारा भी लगभग तय हो जाएगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एनडीए की बैठक में यह सहमति बनी है कि हर 6 विधायक पर 1 मंत्री पद दिया जाएगा। यह फॉर्मूला सभी दलों के लिए समान रूप से लागू होगा। इससे कैबिनेट के आकार में संतुलन बना रहेगा और सभी सहयोगी दलों को उचित प्रतिनिधित्व भी मिलेगा। इसी आधार पर कैबिनेट की संभावित संरचना इस प्रकार मानी जा रही है।
• BJP : 15/16 मंत्री
• JDU : 14 मंत्री
• LJP (रामविलास): 3 मंत्री
• RLM : 1 मंत्री
• HAM : 1 मंत्री
नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर जब केंद्रीय मंत्री व लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान से सवाल किया गया तो उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार गठन में कोई देरी नहीं होगी। चिराग ने कहा कि यह जल्द ही हो जाएगा। चर्चा चल रही है। सरकार के खाके पर स्पष्टता आ जाएगी। मुझे लगता है कि आज रात तक मैं वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों से बात करूंगा और आज या कल तक खाका तैयार हो जाएगा। हमें 22 नवंबर से पहले सरकार बनानी है। यह हो जाएगा।
एनडीए गठबंधन के अन्य प्रमुख नेता और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी सरकार गठन प्रक्रिया पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि हमने जनता का आभार व्यक्त किया है। नई सरकार बनाने की औपचारिकताएं जल्द पूरी होंगी और 2-4 दिनों में सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। हमने बार-बार कहा है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे, हैं और रहेंगे।
सूत्रों के अनुसार, इस बार बिहार कैबिनेट में अपेक्षाकृत अधिक मंत्री शामिल किए जा सकते हैं। इसके पीछे दो प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। गठबंधन में कई छोटे सहयोगी दलों का शामिल होना। सभी पार्टियों को संतुलित प्रतिनिधित्व देना। हालांकि अंतिम सूची अभी तय नहीं हुई है, परंतु BJP और JDU दोनों का कहना है कि कैबिनेट को परफॉर्मेंस-बेस्ड बनाया जाएगा।
पटना में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। सूत्रों के अनुसार शपथ ग्रहण 19 या 20 नवंबर को हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समारोह में मौजूद रहेंगे। कई राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री भी शामिल होंगे। इस बार शपथ समारोह पहले से अधिक भव्य होने की संभावना है, क्योंकि NDA की दोबारा वापसी को उत्सव के रूप में पेश किया जाएगा।
Location : Patna
Published : 16 November 2025, 4:19 PM IST