
ड्राइविंग लाइसेंस के नए नियम (सोर्स- AI)
New Delhi: देश के वाहन मालिकों और चालकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए परिवहन संबंधी ऑनलाइन सेवाओं का दायरा काफी बढ़ा दिया है। अब आम नागरिक स्वैच्छिक आधार ऑथेंटिकेशन (Voluntary Aadhaar Authentication) के जरिए कुल 100 जरूरी सुविधाओं का लाभ सीधे ऑनलाइन उठा सकेंगे। इससे पहले तक इस व्यवस्था के तहत केवल 58 सेवाएं ही ऑनलाइन उपलब्ध थीं, जिनमें अब 42 नई सेवाएं जोड़ दी गई हैं।
इस नए बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों को आरटीओ (RTO) दफ्तर के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी और समय की भारी बचत होगी।
मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए नियमों के बाद ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को पूरी तरह फेसलेस और डिजिटल कर दिया गया है। अब नागरिक घर बैठे निम्नलिखित काम आसानी से कर सकेंगे-
नया DL आवेदन: ड्राइविंग लाइसेंस के लिए नया आवेदन अब ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए किया जा सकेगा।
नई कैटेगरी जोड़ना: यदि आपके पास पहले से ड्राइविंग लाइसेंस है और आप उसमें गाड़ी की कोई नई कैटेगरी (जैसे टू-व्हीलर के साथ फोर-व्हीलर) जुड़वाना चाहते हैं, तो यह काम भी ऑनलाइन होगा।
DL सरेंडर करना: अपने ड्राइविंग लाइसेंस को हमेशा के लिए सरेंडर करने की सुविधा को भी अब इस डिजिटल लिस्ट में शामिल कर लिया गया है।
मोबाइल नंबर अपडेट: लाइसेंस धारक अब अपने DL से जुड़े मोबाइल नंबर को बेहद आसानी से ऑनलाइन पोर्टल के जरिए बदल या अपडेट कर सकेंगे।
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सड़क परिवहन मंत्रालय ने गाड़ी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी आरसी (RC) से जुड़े नियमों को भी बेहद सरल बना दिया है। अब 'फेसलेस योजना' के तहत आरसी से जुड़े कई बड़े कामों के लिए दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होगी। इनमें शामिल हैं-
नए नोटिफिकेशन के अनुसार, अब पैसों के लेन-देन और मालिकाना हक से जुड़े पेचीदा मामलों को भी ऑनलाइन दायरे में ला दिया गया है-
मोटर व्हीकल टैक्स और रिफंड: वाहन मालिक अब न केवल अपना मोटर व्हीकल टैक्स ऑनलाइन जमा कर सकेंगे, बल्कि टैक्स रिफंड की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन माध्यम से पूरा कर सकेंगे।
डेथ केस में ओनरशिप ट्रांसफर: यदि किसी वाहन मालिक की मृत्यु हो जाती है, तो ऐसी स्थिति में गाड़ी का मालिकाना हक (Ownership Transfer) किसी दूसरे के नाम ट्रांसफर करने की व्यवस्था भी अब ऑनलाइन उपलब्ध होगी।
हाइपोथिकेशन सेवाएं: बैंक लोन या फाइनेंस से जुड़े मामलों जैसे हाइपोथिकेशन को जोड़ना, उसे खत्म करना (Terminating) और उसे जारी रखने की प्रक्रिया को भी डिजिटल कर दिया गया है।
बढ़ाई गई 100 ऑनलाइन सुविधाओं में कुछ अन्य बेहद महत्वपूर्ण कैटेगरी को भी जगह दी गई है-
गाड़ी का कनवर्जन: अब वाहन मालिक अपनी गाड़ी को कमर्शियल (व्यावसायिक) कैटेगरी से पर्सनल (निजी) कैटेगरी में ऑनलाइन बदलवा सकेंगे।
विंटेज गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन: विंटेज (पुरानी/क्लासिक) गाड़ियों के शौकीनों के लिए अब इनका रजिस्ट्रेशन कराना ऑनलाइन संभव होगा।
नया रजिस्ट्रेशन मार्क: यदि कोई व्यक्ति एक राज्य से दूसरे राज्य में शिफ्ट होता है, तो वहां जाने के बाद नया रजिस्ट्रेशन मार्क अलॉट कराने की सुविधा भी अब ऑनलाइन मिलेगी।
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मंत्रालय ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि जो लोग आधार ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया को नहीं चुनना चाहते या जिनके पास आधार नंबर मौजूद नहीं है, उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
ऐसे सभी नागरिक ऑफलाइन माध्यम का विकल्प चुन सकते हैं। वे संबंधित अथॉरिटी या आरटीओ विभाग के पास जाकर कोई भी दूसरा वैकल्पिक (ऑप्शनल) सरकारी पहचान दस्तावेज जमा करके अपनी पहचान साबित कर सकते हैं। इसके बाद वे इन सभी सुविधाओं का लाभ पारंपरिक ऑफलाइन तरीके से उठा सकेंगे। सरकार का यह कदम डिजिटल पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ आम जनता की सहूलियत को दोगुना करने वाला साबित होगा।
Location : New Delhi
Published : 11 July 2026, 2:27 PM IST
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