डोईवाला के लालतप्पड़ स्थित एक फैक्ट्री में ठेका संविदा श्रमिकों को नौकरी से हटाए जाने और शोषण के आरोपों को लेकर श्रमिकों में आक्रोश व्याप्त है। सोमवार को बड़ी संख्या में श्रमिक डोईवाला तहसील मुख्यालय पहुंचे और प्रशासन के समक्ष अपनी आवाज बुलंद की।

डोईवाला में श्रमिकों ने खोला मोर्चा
Dehradun: डोईवाला के लालतप्पड़ स्थित एक फैक्ट्री में ठेका संविदा श्रमिकों को नौकरी से हटाए जाने और शोषण के आरोपों को लेकर श्रमिकों में भारी आक्रोश दिखा। सोमवार को बड़ी संख्या में श्रमिक डोईवाला तहसील मुख्यालय पहुंचे और प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखी। इससे पहले श्रमिकों ने सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय ऋषिकेश और उपजिलाधिकारी कार्यालय डोईवाला में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी।
सोमवार को बड़ी संख्या में श्रमिक डोईवाला तहसील मुख्यालय पहुंचे। बताया गया कि करीब 300 से 350 श्रमिकों की नौकरी प्रभावित हुई हैं।
डोईवाला: श्रमिकों की छंटनी पर भड़का आक्रोश, मामले को लेकर sdm अपर्णा ढ़ोढ़ियाल, सभासद संदीप नेगी और महिला श्रमिक ने ये बताया #Workersmobilized #Doiwala #Lalatappadfactory pic.twitter.com/UJ0pFzXVZ9
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) January 20, 2026
श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि स्थानीय लोगों को जानबूझकर हटाया जा रहा है जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। श्रमिकों का यह भी कहना है कि लंबे समय से वे फैक्ट्री में नियमित रूप से काम कर रहे थे, लेकिन अचानक बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
श्रमिक नेता संदीप नेगी ने बताया कि श्रमिकों से कुशल श्रेणी का कार्य लिया जा रहा था, जबकि उन्हें अकुशल श्रेणी का वेतन दिया जाता था। जिस पर ठेकेदारों का लाइसेंस निरस्त हुआ। इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने लाइसेंस समाप्ति का हवाला देकर श्रमिकों को बिना नोटिस नौकरी से हटा दिया।
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तहसील मुख्यालय पहुंचे श्रमिकों ने प्रशासन से मांग की कि उन्हें दोबारा काम पर रखा जाए और लंबित वेतन समेत अन्य अधिकारों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। श्रमिकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। Dehradun
एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल ने बताया कि कंपनी प्रबंधन, सहायक श्रम आयुक्त एवं श्रमिकों के बीच वार्ता हुई। बैठक में यह निष्कर्ष निकला कि कंपनी प्रबंधन सहायक श्रम आयुक्त को अपना प्रस्ताव प्रस्तुत करेगा, इसके बाद श्रमिकों से बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा। ठेकेदार एवं श्रमिक पक्ष से वार्ताकारों को इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
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इस अवसर पर पवन नेगी, विमल सिंह, किशन उनियाल, संदीप कुमार, बंशी लाल थपलियाल, प्रकाश थापा, मोहित नेगी, त्रिलोक भंडारी, नरेश सिंह असवाल, श्याम सिंह आदि मौजूद रहे।
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