यूपी पुलिस भर्ती में टैटू बनवाने वाले अभ्यर्थियों को झटका लगेगा या मिलेगी राहत? मेडिकल से पहले जान लें

यूपी पुलिस सिपाही भर्ती के मेडिकल टेस्ट में टैटू, कटने या जलने के निशान से जुड़ी जरूरी बातें जानें। उम्मीदवार आधिकारिक नियमों के अनुसार करें तैयारी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 20 October 2026, 4:22 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही बनने का सपना देख रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए भर्ती प्रक्रिया का अगला चरण अहम है। 32,679 पदों पर हुई यूपी पुलिस कांस्टेबल सीधी भर्ती-2025 का अंतिम परिणाम जारी होने के बाद अब चयनित उम्मीदवारों की नजर आगे की औपचारिकताओं पर है। मेडिकल परीक्षण और दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान निर्धारित मानकों पर खरा उतरना जरूरी होगा।

इस बीच कई अभ्यर्थियों के मन में एक सवाल है कि अगर उनके हाथ, बांह या शरीर के किसी अन्य हिस्से पर टैटू बना है, तो क्या उन्हें मेडिकल टेस्ट में अनफिट घोषित किया जा सकता है? आइए जानते हैं कि इस बारे में क्या सावधानी बरतनी चाहिए।

क्या टैटू होने पर यूपी पुलिस भर्ती में बाहर हो सकते हैं?

सिर्फ टैटू होने के आधार पर उम्मीदवार को अनफिट घोषित कर दिया जाएगा, ऐसा निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। हालांकि, टैटू को लेकर भर्ती-विशेष के नियमों और आधिकारिक निर्देशों की पुष्टि करना जरूरी है। उपलब्ध सामान्य मेडिकल नियमों में फिटनेस का आकलन निर्धारित चिकित्सा मानकों के अनुसार किया जाता है। किसी खास टैटू के बारे में अंतिम निर्णय संबंधित भर्ती के लागू नियमों और सक्षम प्राधिकारी के निर्देशों पर निर्भर करेगा।

अगर शरीर पर टैटू है, तो घबराकर उसे जबरन मिटाने या त्वचा पर कोई केमिकल इस्तेमाल करने से बचें। टैटू हटाने की प्रक्रिया से त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है और निशान भी पड़ सकते हैं। मेडिकल टेस्ट से पहले भर्ती बोर्ड की आधिकारिक सूचना देखना और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेना बेहतर है।

शरीर पर कटने या जलने के निशान हों तो क्या होगा?

शरीर पर पुराना कटने या जलने का निशान होना अपने आप में हर स्थिति में अयोग्यता का आधार नहीं माना जा सकता। मेडिकल बोर्ड उम्मीदवार की शारीरिक स्थिति और लागू मानकों के आधार पर परीक्षण करता है। यदि किसी निशान से जुड़ी कोई चिकित्सकीय समस्या है, तो उसका आकलन डॉक्टर कर सकते हैं। इसलिए किसी भी निशान को लेकर पहले से यह मान लेना ठीक नहीं कि उम्मीदवार को भर्ती से बाहर कर दिया जाएगा।

दलालों के झांसे में आने से बचें

भर्ती प्रक्रिया के अंतिम चरण में पहुंचने के बाद उम्मीदवारों को असफल होने का डर रहता है। इसी डर का फायदा उठाकर कुछ लोग नौकरी दिलाने या मेडिकल में पास कराने के नाम पर पैसे मांग सकते हैं। अभ्यर्थियों को ऐसे दावों से सावधान रहना चाहिए। किसी व्यक्ति के कहने पर टैटू हटवाने या मेडिकल पास कराने के लिए पैसे देने के बजाय भर्ती बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी पर भरोसा करें।

मेडिकल टेस्ट से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

मेडिकल परीक्षण से पहले उम्मीदवार अपनी सामान्य स्वास्थ्य स्थिति पर ध्यान दें। आंखों की रोशनी, सुनने की क्षमता और पैरों से संबंधित समस्याओं की जांच जरूरत के अनुसार पहले करा सकते हैं। पुलिस भर्ती के चिकित्सा मानकों में फ्लैट फुट, नॉक नी, दृष्टि और सुनने की क्षमता जैसे पहलुओं की जांच शामिल हो सकती है। वास्तविक परीक्षण लागू भर्ती नियमों और निर्धारित मेडिकल फॉर्म के अनुसार होगा।

मेडिकल टेस्ट से पहले किसी चोट या दुर्घटना से बचने की कोशिश करें। यदि कोई बीमारी या पहले से चल रहा इलाज है, तो डॉक्टर को सही जानकारी दें। मेडिकल के दिन मांगे गए दस्तावेज साथ रखें और भर्ती बोर्ड के निर्देशों का पालन करें।

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती के नियमों के अनुसार मेडिकल परीक्षण में अनफिट घोषित किए जाने पर उम्मीदवार के लिए अपील की प्रक्रिया उपलब्ध हो सकती है। संबंधित नियमों में अपील के लिए समय-सीमा निर्धारित है, इसलिए किसी निर्णय से असहमत होने पर उसी दिन लागू प्रक्रिया और समय-सीमा की जानकारी लेना जरूरी है।

उम्मीदवारों को सलाह है कि टैटू या शरीर पर निशान को लेकर किसी अफवाह पर भरोसा न करें। अंतिम निर्णय के लिए यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक सूचना और लागू चिकित्सा मानकों को ही आधार बनाएं।

Location :  Lucknow

Published :  20 October 2026, 4:22 PM IST