क्या है Pulmonary Embolism? प्रतीक यादव की मौत के बाद चर्चा में आई जानलेवा बीमारी, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की मौत के बाद पल्मोनरी एम्बोलिज्म चर्चा में है। यह फेफड़ों में खून का थक्का जमने से होने वाली गंभीर स्थिति है, जो अचानक सांस रुकने और हार्ट पर दबाव बढ़ाने का कारण बन सकती है। जानिए इसके लक्षण, खतरे और बचाव के तरीके।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 16 May 2026, 4:41 PM IST

Lucknow: समाजवादी पार्टी के संस्थापक Mulayam Singh Yadav के बेटे Prateek Yadav के निधन के बाद पल्मोनरी एम्बोलिज्म (Pulmonary Embolism) को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उनकी मौत कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स के कारण हुई, जिसकी वजह फेफड़ों में खून का थक्का जमना बताया गया।

विशेषज्ञों के मुताबिक, जब खून का थक्का फेफड़ों की धमनी में फंस जाता है और रक्त प्रवाह रुक जाता है, तो इस स्थिति को पल्मोनरी एम्बोलिज्म कहा जाता है। यह मेडिकल इमरजेंसी मानी जाती है और समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती है।

क्या होता है Pulmonary Embolism?

Pulmonary Embolism एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर में बना रक्त का थक्का (Blood Clot) फेफड़ों की धमनियों तक पहुंचकर रक्त प्रवाह रोक देता है। इससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है और हृदय पर दबाव तेजी से बढ़ता है।

डॉक्टरों के अनुसार कई मामलों में यह थक्का पैरों की नसों में बनता है, जिसे डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT) कहा जाता है। यही थक्का टूटकर फेफड़ों तक पहुंच सकता है।

किन लोगों में ज्यादा खतरा?

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने वाले लोगों में पल्मोनरी एम्बोलिज्म का खतरा अधिक होता है। इसमें ऑफिस में घंटों बैठकर काम करने वाले कर्मचारी, लंबी यात्रा करने वाले लोग और वर्क फ्रॉम होम करने वाले लोग शामिल हैं।

कोविड महामारी के बाद शारीरिक गतिविधि में कमी और लगातार बैठकर काम करने की आदत ने इस खतरे को और बढ़ाया है।

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

डॉक्टरों के मुताबिक यदि किसी व्यक्ति को अचानक:

  • सांस फूलना
  • सीने में तेज दर्द
  • धड़कन तेज होना
  • चक्कर आना
  • खांसी में खून आना
  • अत्यधिक बेचैनी

जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत मेडिकल सहायता लेनी चाहिए। कई बार यह स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ती है कि मरीज को संभलने का मौका तक नहीं मिलता।

कैसे करें बचाव?

विशेषज्ञ नियमित शारीरिक गतिविधि, लंबे समय तक लगातार न बैठने, पर्याप्त पानी पीने और यात्रा के दौरान बीच-बीच में चलने की सलाह देते हैं।

जो लोग लंबे समय तक ऑफिस में बैठकर काम करते हैं, उन्हें हर घंटे कुछ मिनट टहलना चाहिए। इसके अलावा पैरों में सूजन, दर्द या भारीपन को भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।

Location :  Lucknow

Published :  16 May 2026, 4:41 PM IST