श्रीराम मंदिर की द्वितीय वर्षगांठ पर प्रस्तावित शोभायात्रा को रोके जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जय समता पार्टी ने इसे संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है। पार्टी के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमन बंसल ने राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल पर सत्ता के दबाव में कार्रवाई कराने का आरोप लगाया।

Muzaffarnagar: श्रीराम मंदिर की द्वितीय वर्षगांठ के अवसर पर भगवान श्रीराम की शोभायात्रा निकाले जाने से रोकने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जय समता पार्टी द्वारा प्रस्तावित शोभायात्रा पर रोक लगाए जाने से पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त है। जय समता पार्टी द्वारा शुक्रवार को मीडिया सेंटर पर प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें जय समता पार्टी के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमन बंसल ने इस पूरे मामले को लेकर राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल पर सीधा आरोप लगाया है।
अमन बंसल का कहना है कि सत्ता के दबाव में आकर धार्मिक शोभायात्रा को रोका गया, जो कि संविधान प्रदत्त अधिकारों का खुला उल्लंघन है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता प्राप्त है और शांतिपूर्ण ढंग से कोई भी धार्मिक शोभायात्रा निकाली जा सकती है। इसके बावजूद शोभायात्रा पर रोक लगाना न केवल लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है, बल्कि संविधान का भी अपमान है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के नशे में चूर होकर जनप्रतिनिधि संविधान से ऊपर खुद को समझने लगे हैं। अमन बंसल ने ऐलान किया कि इस मामले को लेकर वे माननीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। कोर्ट के कटघरे में खड़ा कर यह पूछा जाएगा कि आखिर किस आधार पर भगवान श्रीराम की शोभायात्रा को रोका गया।
Muzaffarnagar: श्रीराम मंदिर की द्वितीय वर्षगांठ के अवसर पर भगवान श्रीराम की शोभायात्रा निकाले जाने से रोकने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जय समता पार्टी द्वारा प्रस्तावित शोभायात्रा पर रोक लगाए जाने से पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त है। जय समता पार्टी द्वारा शुक्रवार को मीडिया सेंटर पर प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें जय समता पार्टी के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमन बंसल ने इस पूरे मामले को लेकर राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल पर सीधा आरोप लगाया है।
अमन बंसल का कहना है कि सत्ता के दबाव में आकर धार्मिक शोभायात्रा को रोका गया, जो कि संविधान प्रदत्त अधिकारों का खुला उल्लंघन है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता प्राप्त है और शांतिपूर्ण ढंग से कोई भी धार्मिक शोभायात्रा निकाली जा सकती है। इसके बावजूद शोभायात्रा पर रोक लगाना न केवल लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है, बल्कि संविधान का भी अपमान है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के नशे में चूर होकर जनप्रतिनिधि संविधान से ऊपर खुद को समझने लगे हैं। अमन बंसल ने ऐलान किया कि इस मामले को लेकर वे माननीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। कोर्ट के कटघरे में खड़ा कर यह पूछा जाएगा कि आखिर किस आधार पर भगवान श्रीराम की शोभायात्रा को रोका गया।