जिंदा किसान को सरकारी रिकॉर्ड में बताया मृत! बंद हुई पेंशन और किसान सम्मान निधि, अब काट रहा दफ्तरों के चक्कर

उत्तर प्रदेश के बांदा में एक जीवित किसान को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है। रामखेलावन का आरोप है कि इस गड़बड़ी के कारण उनकी वृद्धावस्था पेंशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि बंद हो गई।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 15 October 2026, 3:07 PM IST

Banda: उत्तर प्रदेश के बांदा से सरकारी रिकॉर्ड में गड़बड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक जीवित किसान को कथित तौर पर सरकारी अभिलेखों में मृत दर्ज कर दिया गया। इसका असर यह हुआ कि किसान की वृद्धावस्था पेंशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिलना बंद हो गया। अब किसान अपनी पहचान साबित करने और रुकी हुई सरकारी सहायता दोबारा शुरू कराने के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहा है।

कागजों में मृत, हकीकत में जिंदा 

मामला बांदा जिले की अतर्रा तहसील के तुर्रा मजरा कुम्हारन पुरवा गांव का है। यहां रहने वाले रामखेलावन पुत्र शिवरतन ने जिला प्रशासन को शिकायती पत्र देकर अपनी परेशानी बताई है। किसान का आरोप है कि वह जीवित है, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उसे मृत दिखा दिया गया है। इसी वजह से उसे पिछले कई महीनों से सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

रामखेलावन के मुताबिक, वृद्धावस्था पेंशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि नहीं आने पर उसने संबंधित अधिकारियों से जानकारी मांगी। इस दौरान उसे पता चला कि सरकारी अभिलेखों में उसकी स्थिति मृत दर्ज है। यह जानकारी मिलने के बाद उसकी परेशानी और बढ़ गई।

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पेंशन और किसान सम्मान निधि भी हुई बंद

एक गरीब किसान के लिए पेंशन और किसान सम्मान निधि की रकम काफी मायने रखती है। ऐसे में दोनों योजनाओं का लाभ रुकने से रामखेलावन को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान का कहना है कि उसके पास आधार कार्ड समेत पहचान से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं और वह खुद अपने रोजमर्रा के काम करता है।

पीड़ित ने ग्राम प्रधान और सचिव पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उसका दावा है कि वह अपनी समस्या लेकर कई बार उनके पास पहुंचा, लेकिन उसे राहत नहीं मिली। हालांकि, इस मामले में संबंधित पक्षों की ओर से आरोपों पर आधिकारिक जवाब सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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14 अक्टूबर को प्रशासन से लगाई गुहार

रामखेलावन ने 14 अक्टूबर 2026 को दिए गए शिकायती पत्र में पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उसने सरकारी रिकॉर्ड में सुधार कर उसे दोबारा जीवित दर्ज करने और वृद्धावस्था पेंशन के साथ किसान सम्मान निधि का लाभ बहाल कराने की अपील की है।

इसके अलावा, किसान ने मांग की है कि जांच में अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

Location :  Banda

Published :  15 October 2026, 3:07 PM IST