यूजीसी से जुड़े एक आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक के बाद प्रयागराज में विरोध तेज हो गया। सिविल लाइन्स चौराहे पर बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन कर आदेश को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने इसे जातिवाद को बढ़ावा देने वाला बताते हुए सरकार के खिलाफ नाराज़गी जताई।

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Prayagraj: UGC से जुड़े एक विवादित आदेश पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद प्रयागराज में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। मंगलवार को सिविल लाइन्स चौराहे पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और यूजीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने इस आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग की और इसे सामाजिक सौहार्द के खिलाफ बताया।
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि यूजीसी का यह आदेश शिक्षा व्यवस्था में समानता के सिद्धांत को कमजोर करता है। उनका आरोप है कि यह आदेश समाज में जातिवाद को बढ़ावा देने वाला है और इससे पहले से मौजूद असमानताएं और गहरी हो सकती हैं। इसी को लेकर लोगों में भारी रोष देखने को मिला।
सिविल लाइन्स चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक यह संकेत देती है कि आदेश में गंभीर खामियां हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि अदालत के अंतिम फैसले का इंतजार किए बिना इस आदेश को पूरी तरह वापस लिया जाए। कई वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य समाज को जोड़ना होना चाहिए, न कि उसे वर्गों में बांटना।
स्थानीय सामाजिक संगठनों और छात्र समूहों ने भी इस प्रदर्शन का समर्थन किया। उनका कहना है कि अगर ऐसे आदेश लागू किए गए, तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा। फिलहाल प्रयागराज में माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रित है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी, वहीं प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।