गोरखपुर में पुलिस का बड़ा धमाका: 33 मामलों का कुख्यात सूरज चौहान का पुलिस से मुठभेड़ , लूट का माल बरामद!, पढिए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

गोरखपुर : गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक रोमांचक मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी सूरज चौहान को दबोच लिया। इस दिल दहला देने वाली कार्रवाई में सूरज घायल हुआ और पुलिस ने उसके कब्जे से देसी तमंचा, कारतूस, चोरी का मोबाइल, तीन एटीएम कार्ड, आधार, पैन कार्ड, वोटर आईडी और घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की। सूरज, जो 33 से ज्यादा आपराधिक मामलों में वांछित था, अब सलाखों के पीछे है।
डाइनामाइट न्यूज संवादाता मुताबित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर राजबकरन नैय्यर के सख्त निर्देशों के तहत अपराधियों पर नकेल कसने का अभियान जोरों पर है। इसी कड़ी में कैंट थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह अपनी चुस्त-दुरुस्त टीम के साथ रात में गश्त कर रहे थे। तभी मुखबिर ने खबर दी कि कुख्यात सूरज चौहान तिनकोनिया नंबर 2 के पास छिपा है। पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया। सूरज ने पुलिस को देखते ही तमंचा तान दिया और फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली सूरज को लगी, जिससे वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लिया और अस्पताल पहुंचाया।
दरअसल 30 अप्रैल 2025 को कैंट थाना क्षेत्र में दो बदमाशों ने एक महिला का पर्स छीन लिया था। पर्स में सोने की चेन, दो अंगूठियां, 2000 रुपये नकद, मोबाइल, तीन एटीएम कार्ड (PNB, SBI), आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी जैसे जरूरी दस्तावेज थे। इस सनसनीखेज लूट के बाद कैंट थाने में मुकदमा (253/2025) दर्ज हुआ। जांच में सूरज चौहान का नाम उभरकर सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने उसकी धरपकड़ के लिए कमर कस ली।
पिपराइच के जंगल धूषण का रहने वाला सूरज चौहान कोई आम अपराधी नहीं। उसका आपराधिक रिकॉर्ड इतना लंबा है कि सुनकर पुलिसवाले भी चौंक जाएं। हत्या का प्रयास, डकैती, चोरी, गौ-तस्करी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट जैसे 33 से ज्यादा मामले गोरखपुर के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस की हिटलिस्ट पर था और अब आखिरकार कानून के शिकंजे में है।पुलिस की खजाने से बरामदगी:1 देसी तमंचा (0.315 बोर)2 जिंदा कारतूस, 2 खोखा कारतूस1 चोरी का मोबाइल फोन3 एटीएम कार्ड (PNB, SBI)आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी1 मोटरसाइकिल (लूट में इस्तेमाल) बरामद किया।
इस ऑपरेशन में कैंट थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह ने अपनी टीम के साथ मिलकर कमाल कर दिखाया। उप-निरीक्षक सुधांशु सिंह, आशीष कुमार दुबे, अवनीश कुमार पांडेय, कॉन्स्टेबल संजीव कुमार, धनवंतर वर्मा, मंगलदीप और संजीत कुमार यादव ने इस खतरनाक मिशन को बखूबी अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक (नगर) और क्षेत्राधिकारी कैंट की रणनीति ने इस कार्रवाई को सफल बनाया।
सूरज के खिलाफ बीएनएस की धारा 109 और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25/27 के तहत नया मुकदमा (277/2025) दर्ज किया गया है। पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है ताकि उसके गैंग के अन्य सदस्यों और छिपे अपराधों का पर्दाफाश हो सके।
इस कार्रवाई से गोरखपुरवासियों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोग पुलिस की तारीफ कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि ऐसे ऑपरेशन आगे भी जारी रहेंगे। सूरज चौहान की गिरफ्तारी न सिर्फ एक अपराधी का अंत है, बल्कि अपराध की दुनिया को कड़ा संदेश है कि गोरखपुर में कानून का इकबाल बुलंद है!