
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक
हापुड़: देहात थाना क्षेत्र में रहने वाली महिला सलोनी की दिल्ली के एक अस्पताल में मौत के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। सात दिन पहले पड़ोसियों द्वारा उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाए जाने की घटना से पहले ही लोगों में आक्रोश था। अब उसकी मौत ने इस गुस्से को और भड़का दिया। जब रविवार शाम को सलोनी का शव एंबुलेंस से मोहल्ले में लाया गया तो स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक, घटना 15 जून की रात करीब 1:30 बजे की है। सलोनी अपनी दो बेटियों के साथ घर में सो रही थी। तभी पड़ोसी मुकेश, गंगाराम, भोपाल, श्रीपाल और मुकेश का साला छत के रास्ते घर में दाखिल हुए। उन्होंने सलोनी पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी और मौके से फरार हो गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बुरी तरह झुलसी सलोनी को दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई।
शव पहुंचते ही भड़का गुस्सा
रविवार शाम को जब सलोनी का शव एंबुलेंस से मोहल्ले में लाया गया तो लोगों ने एंबुलेंस को बाहर ही रोक लिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। भीड़ में शामिल लोगों का आरोप था कि घटना के सात दिन बाद भी पुलिस ने केवल एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जबकि बाकी चार नामजद आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक
स्थिति को संभालने के लिए मौके पर सीओ जितेंद्र कुमार शर्मा, नगर कोतवाली प्रभारी मुनीष प्रताप सिंह, महिला थाना प्रभारी अरुणा राय और देहात थाना प्रभारी विजय कुमार गुप्ता पहुंचे। पहले से ही मोहल्ले में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। लेकिन शव के अंतिम दर्शन के दौरान भीड़ बेकाबू हो गई और पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। हालात तब काबू में आए, जब अधिकारियों ने जल्द सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद ही शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
Location : Hapur
Published : 23 June 2025, 2:58 PM IST
Topics : Hapur murder police Saloni Murder Case क्राइम