प्रयागराज के माघ मेला शिविर में उत्थान ज्योतिष एवं आध्यात्म संस्थान द्वारा आयोजित 11 लाख आहुतियों वाले श्री लक्ष्मी-नारायण महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। यह यज्ञ 31 जनवरी तक चलेगा और इसमें विद्वान ब्राह्मणों के साथ-साथ आम लोग भी आहुति देकर भाग ले रहे हैं।

माघ मेले में श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ आरंभ
Prayagraj: प्रयागराज के संगम तट पर चल रहे विश्व प्रसिद्ध माघ मेले में रोजाना श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। देश-विदेश से आए लोग, संत और कल्पवासी पवित्र स्नान कर आस्था और भक्ति में लीन हैं।
यह मेला करीब 40 दिनों तक चलता है और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन अंतिम स्नान के साथ समाप्त होगा। इस दौरान लोग संगम तट पर पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक क्रियाओं में भाग लेकर अपने मन और आत्मा को शुद्ध कर रहे हैं। मेला भक्ति, संस्कृति और समाजिक एकता का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रहा है।
इस दौरान, जगराम चौक स्थित उत्थान ज्योतिष एवं आध्यात्म संस्थान के माघ मेला शिविर सेक्टर 6, समयामाई मार्ग में 11 लाख आहुतियों वाला श्री लक्ष्मी-नारायण महायज्ञ आरंभ हो गया है। यह महायज्ञ 31 जनवरी 2026 तक निरंतर चलेगा और इसमें 21 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा आहुति के माध्यम से यज्ञ संपन्न कराया जा रहा है।
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संस्थान के निदेशक पंडित दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि यह यज्ञ समाज और विश्व के कल्याण के लिए आयोजित किया गया है। इसके माध्यम से हिंदू धर्म और सनातन परंपराओं का उत्थान और आम जनमानस के आत्म कल्याण की कामना की जा रही है। यज्ञ में विद्वान ब्राह्मणों के साथ-साथ आम लोग भी भाग लेकर आहुति के जरिए अपने कल्याण के लिए यज्ञ का अवसर प्राप्त कर रहे हैं।
महायज्ञ में अनेक ज्योतिषाचार्य और प्रसिद्ध व्यक्तित्व शामिल हुए। इसमें प्रमुख रूप से पंडित दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली, रामदरस त्रिपाठी, सौरभ श्रीवास्तव, फिल्म निर्माता व चार्टर्ड एकाउंट गोविंद गोयल, बाल गायिका दक्षिता त्रिपाठी, गायिका वंदना श्री, कुसमावती देवी, श्वेतांक श्रीवास्तव, सौरभ अग्रवाल, बबलू परमार और अमित पांडे उपस्थित रहे।
उत्थान ज्योतिष एवं आध्यात्म संस्थान के निदेशक पंडित दिवाकर त्रिपाठी
यज्ञ के आचार्य पंडित तुलसीदास, डॉ. पवन पांडे, लाल बाबू शुक्ल, आचार्य आयुष शुक्ल, रोहित शुक्ल, शिव प्रसाद शास्त्री, हर्ष मिश्रा और शिवांश त्रिपाठी सहित 21 अन्य आचार्यों ने वैदिक मंत्रों के माध्यम से यज्ञ का संचालन किया। महायज्ञ का प्रथम दिवस विश्व कल्याण और समाज के उत्थान की कामना के साथ सम्पन्न हुआ।
पंडित दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि इस महायज्ञ का उद्देश्य न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक बल्कि सामाजिक कल्याण को भी बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के यज्ञ से लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सामूहिक भक्ति का वातावरण बनता है। संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि 31 जनवरी तक चलने वाले इस महायज्ञ में प्रतिदिन वैदिक मंत्रों और आहुति से पवित्र वातावरण तैयार किया जाएगा।