गोंडा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, दो घाटों पर 4 की मौत; CM योगी ने जताया दुख

गोंडा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो घाटों पर हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। छह लोगों को बचाया गया। CM योगी ने घटना पर दुख जताया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 21 October 2026, 9:47 AM IST

गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा में मंगलवार देर शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हादसे हो गए। दो घाटों पर नदी में डूबने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोगों को बचा लिया गया। हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान चलाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख जताया है।

तरबगंज के लक्ष्मणपुर घाट पर तीन युवक डूबे

पहली घटना तरबगंज थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर घाट पर सम्मय माता मंदिर के पास हुई। यहां दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान छह लोग नदी में डूबने लगे। स्थानीय लोगों की मदद से रघुवर प्रजापति, प्रदीप कुमार और चंद्र प्रकाश को सुरक्षित बचा लिया गया। वहीं, 18 वर्षीय सुमित प्रजापति, 15 वर्षीय अभिषेक तिवारी और 17 वर्षीय रामविलास प्रजापति नदी में डूब गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा, तरबगंज की एसडीएम सविता शुक्ला और स्थानीय विधायक प्रेम नारायण पांडे ने घटनास्थल का जायजा लिया। स्थानीय गोताखोरों और फ्लड पीएसी की मदद से नदी में तलाशी अभियान चलाया गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सुमित प्रजापति का शव बरामद कर लिया गया, जबकि अभिषेक तिवारी और रामविलास प्रजापति की तलाश जारी रही।

एसपी बोले- विसर्जन की अनुमति की भी होगी जांच

एसपी अभिषेक झा ने बताया कि पहुआ सम्मय माता मंदिर के पास प्रतिमा विसर्जन के दौरान छह लोग नदी में डूबे थे। इनमें से तीन को बचा लिया गया, जबकि तीन युवक डूब गए। एक युवक का शव बरामद हो चुका है और दो की तलाश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने और विसर्जन के लिए संबंधित अनुमति ली गई थी या नहीं।

भैसहवा घाट पर युवकों को बचाने उतरे तुलाराम, डूबने से मौत

दूसरी घटना धानेपुर थाना क्षेत्र के भैसहवा घाट पर हुई। मंगलवार देर शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान 35 वर्षीय दह्न, 22 वर्षीय प्रिंस, 23 वर्षीय दीपक और 22 वर्षीय एक अन्य युवक कुआनो नदी में डूबने लगे।

युवकों को नदी में डूबता देखकर शिवबक्श पुरवा बिहुरी निवासी 50 वर्षीय तुलाराम शुक्ला उन्हें बचाने के लिए पानी में उतर गए। स्थानीय लोगों की मदद से तीन युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन नदी की गहराई और तेज बहाव के कारण तुलाराम शुक्ला डूब गए। बाद में उनकी मौत की पुष्टि हुई।

बताया गया कि तुलाराम अपने गांव की दुर्गा प्रतिमा के साथ विसर्जन के लिए घाट पर पहुंचे थे। दूसरों की जान बचाने की कोशिश में उनकी जान चली गई।

SDRF और फ्लड पीएसी ने चलाया सर्च ऑपरेशन

हादसे की सूचना मिलने पर सीओ सदर अभिषेक दवाच्य, सदर तहसीलदार और धानेपुर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद एसडीआरएफ और फ्लड पीएसी की टीमों ने भी तलाशी अभियान चलाया।

सीओ सदर ने बताया कि कुआनो नदी में डूब रहे युवकों को बचाने के लिए तुलाराम शुक्ला नदी में उतरे थे। युवकों को बचा लिया गया, लेकिन तुलाराम की डूबने से मौत हो गई।

घाट पर तैनात थी पुलिस, फिर भी हो गया हादसा

जानकारी के मुताबिक, धानेपुर के भैसहवा घाट पर विसर्जन के दौरान सुरक्षा के लिए एक उपनिरीक्षक, एक आरक्षी और एक होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई थी। घाट पर प्रकाश की व्यवस्था भी थी। इसके बावजूद नदी में डूबने की घटना हो गई।

गोंडा में दो अलग-अलग घाटों पर हुए इन हादसों के बाद प्रशासन की बचाव टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी रहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख जताया है। हादसों के बाद विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और नदी के गहरे पानी में जाने से रोकने के इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

Location :  Gonda

Published :  21 October 2026, 9:47 AM IST