जनपद मैनपुरी में ग्राम सभा की सार्वजनिक भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा किए जा रहे अवैध कब्जों का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आया है। करहल थाना क्षेत्र के ग्राम औंछा पड़रिया निवासी सोरम सिंह चौहान ने जिलाधिकारी मैनपुरी को शिकायती पत्र सौंपकर ग्राम सभा की जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है।

भूमाफियाओं ने छीनी ग्राम सभा की जमीन
Mainpuri: जनपद मैनपुरी में ग्राम सभा की सार्वजनिक भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा किए जा रहे अवैध कब्जों का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आया है। करहल थाना क्षेत्र के ग्राम औंछा पड़रिया निवासी सोरम सिंह चौहान ने जिलाधिकारी मैनपुरी को शिकायती पत्र सौंपकर ग्राम सभा की जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि भूमि पर अवैध गतिविधियां लंबे समय से जारी हैं और अब यह मामला गंभीर स्थिति में पहुँच चुका है।
शिकायतकर्ता के अनुसार मौजा औंछा पड़रिया में स्थित ग्राम सभा की “ऊसर बंजर” श्रेणी में दर्ज भूमि पर बाहरी लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है। विशेष रूप से गाटा संख्या 1218, जिसका रकबा 0.81 हेक्टेयर है, को प्लॉटिंग कर 20 से अधिक लोगों को बेचा गया। इससे न केवल सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ है, बल्कि स्थानीय लोगों में भी रोष फैला है।
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सोम सिंह ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल और राजस्व परिषद लखनऊ तक की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि चकबंदी अधिकारियों द्वारा गलत रिपोर्ट लगाकर शिकायतों का निस्तारण कर दिया जाता है। गाटा संख्या 1151 और 1186 में भी कब्जे की पुष्टि रिपोर्ट में दर्ज थी, बावजूद इसके अवैध कब्जेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सोरम सिंह ने बताया कि गाटा संख्या 1120, जो कुल 9.14 एकड़ ऊसर भूमि के नाम दर्ज है, उसमें केवल 5.75 एकड़ में गौशाला है। शेष भूमि पर बाहरी लोग कब्जा कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो ग्राम सभा की पूरी भूमि भूमाफियाओं के हाथ में चली जाएगी।
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शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि राजस्व विभाग को निर्देशित किया जाए कि गाटा संख्या 1120 समेत अन्य ग्राम सभा की जमीन को अवैध कब्जेदारों से मुक्त कराया जाए और सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित किया जाए।
मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि भूमि पर अवैध कब्जे स्थानीय प्रशासन की अनदेखी का परिणाम हैं। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी जल्दी ठोस कदम उठाकर ग्राम सभा की जमीन को कब्जा मुक्त कराता है।